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भारत में 30 साल पहले आया इंटरनेट, जानें तब कितने kbps हुआ करती थी इसकी स्पीड?
Zee News
Internet History in India: भारत में इंटरनेट की शुरुआत 15 अगस्त, 1995 को हुई. शुरू में केवल कॉरपोरेट घराने और अमीर लोग ही इसका उपयोग कर पाते थे, क्योंकि लागत काफी अधिक थी.1998 की नई दूरसंचार नीति ने निजी कंपनियों को मौका दिया, जिससे ब्रॉडबैंड और साइबर कैफे का चलन बढ़ा. 2016 में Reliance Jio के 4G लॉन्च ने सस्ता डेटा दिया और स्मार्टफोन भारत के गांव-गांव पहुंचाया.
Internet History in India: आज के टाइम में इंटरनेट लोगों की बेसिक सुविधाओं में गिना जाने लगा है. बिना इंटरनेट के लोगों की आम जिंदगी अटक जाती है, रोजमर्रा के काम नहीं हो पाते हैं. यही कारण है कि बच्चे से लेकर बूढों तक को इंटरनेट की आवश्यकता पड़ने लगी है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत में ये डिजिटल क्रांति कब आई? आइए, जान लेते हैं कि भारत में इंटरनेट का इतिहास कितना पुराना है और ये कैसे घर-घर तक पहुंचा?

India Russia SU-57 Deal: भारत क्या रूस से SU-57 खरीदेगा. रूस ने एक बाद एक ऑफर भारत के सामने पेश किया है. रोस्टेक कंपनी के सीईओ ने सीईओ ने भारत जिस राफेल डील के पीछे जा रहा है, हम उतने ही पैसे में 5वीं पीढ़ी के 230 फाइटर जेट देंगे. यानी दोगुने से भी ज्यादा फाइटर जेट भारत को मिलेंगे. वर्तमान में फ्रांस से 114 राफेल फाइटर जेट को लेकर भारत से फ्रांस की बातचीत चल रही है.

Indian Navy S5 Class SSBN Construction: चीन और पाकिस्तान की बढ़ती नौसैनिक ताकत भारत के लिए एक बड़ी चुनौती मानी जाती है. इसी को ध्यान में रखते हुए S5 पनडुब्बियों को बेहद आधुनिक स्टेल्थ तकनीक से लैस किया जा रहा है. इनमें 190 मेगावॉट का प्रेसराइज्ड वाटर रिएक्टर होगा. इसे पूरी तरह स्वदेशी रूप से भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (BARC) ने विकसित किया है.

Indian Navy Kamikaze Drones for Maritime Strike: इन मैरीटाइम लॉइटरिंग म्यूनिशन की रेंज अधिक होगी. नौसेना के जहाज दुश्मन के तट और जहाजों पर काफी दूर से हमला कर सकेंगे. इससे दुश्मन के तटीय डिफेंस सिस्टम और एंटी-शिप हथियारों का खतरा कम होगा. इन ड्रोन को दोहरी भूमिका के लिए तैयार किया जा रहा है. जमीन पर मौजूद ठिकानों के साथ-साथ दुश्मन के युद्धपोतों पर भी हमला किया जा सकेगा.

Reliance Will buy oil from Venezuela: अमेरिका के 500 प्रतिशत टैरिफ के जवाब की तैयारी भारत कर रहा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, पहले तो रूस से तेल खरीदना कम कर रहा है. इसके अलावा दूसरी तरफ भारतीय निजी और सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियां वेनेजुएला से तेल खरीदने को तैयार हो गई हैं, यह वही तेल होगा, जिसपर अमेरिका का स्वामित्व होगा.

Project Kusha air defence: भारत अब दुश्मन की मिसाइलों और विमानों को हवा में ही ढेर करने के मामले में दुनिया के सबसे ताकतवर देशों की कतार में खड़ा होने जा रहा है. भारत का अपना 'S-400' यानी प्रोजेक्ट कुशा अब पूरी तरह तैयार है. वैज्ञानिकों ने इसके पहले चरण का परीक्षण करने की ठान ली है, जिससे चीन और पाकिस्तान जैसे पड़ोसियों की टेंशन बढ़ना तय है.

India MQ-9B type drone: भारत अब जासूसी और हवाई हमलों की दुनिया में एक बहुत बड़ा धमाका करने जा रहा है. समंदर से लेकर हिमालय की चोटियों तक नजर रखने के लिए अब भारत अपना खुद का 'सुपर ड्रोन' तैयार कर रहा है. सबसे बड़ी बात यह है कि इस काम में दुनिया के सबसे खतरनाक ड्रोन MQ-9B प्रीडेटर बनाने वाली अमेरिकी कंपनी जनरल एटॉमिक्स भी भारत का साथ देगी.







