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भारत में दुनिया के सबसे ताकतवर साम्राज्य का यूं हुआ अंत, क्या सम्राट अशोक थे इसके जिम्मेदार; जानें असलियत
Zee News
Maurya Empire samrat ashoka: मौर्य साम्राज्य ने अखंड भारत के सपने को साकार किया था, जिसकी सीमा अफगानिस्तान से लेकर म्यांमार की सीमा तक फैली थी. जिनकी सेना में 6 लाख से ज्यादा सैनिक थे. हालांकि, सम्राट अशोक के एक युद्ध के बाद बनाई गई नीति, मौर्य साम्राज्य के पतन की वजह मानी जाती है.
Maurya empire downfall reason: आज हम जिस अखंड भारत की बात करते हैं, उसे सदियों पहले भारत के सबसे बड़े साम्राज्य ने असली रूप दिया था. जिसकी सीमा पश्चिम में आज के अफगानिस्तान से लेकर पूर्व में म्यांमार की सीमा तक लगती थी. इस दौरान भारत की धरती अपनी समृद्धि के चरम पर थी. यह साम्राज्य कोई और नहीं, बल्कि मौर्य साम्राज्य (Maurya Samrajya) था. जिसकी नींव सम्राट चंद्रगुत्प मौर्य ने रखी थी. इसी साम्राज्य के तीसरे सम्राट बने अशोक मौर्य, बिंदुसार के बेटे और चंद्रगुप्त मौर्य के पोते. अशोक के शासन काल में भी मौर्य साम्राज्य अपनी उन्नति पर था, लेकिन एक युद्ध के दौरान उन्होंने जो दृश्य देखा, वहीं से मौर्य साम्राज्य की तस्वीर बदल गई. कुछ इतिहासकार मानते हैं, यहीं से मौर्य साम्राज्य का पतन शुरू हुआ. आइए इतिहास के पन्नों को पलटते हैं, और जानते हैं आखिर क्या है इसकी असलियत.

Indian Air Force refuelling aircraft: भारत के पास अभी सिर्फ 6 पुराने Il-78MKI विमान हैं जो 2003-2004 में उज्बेकिस्तान से लिए गए थे. पुर्जों की कमी की वजह से इनमें से आधे से ज्यादा विमान अक्सर मरम्मत के लिए खड़े रहते हैं. पिछले साल भारत ने अमेरिका की एक कंपनी से एक टैंकर विमान लीज पर लिया था, लेकिन उसके साथ अमेरिकी क्रू आता है, जो युद्ध के समय भारत के काम नहीं आ सकेगा. ऐसे में ये नए विमान नई ताकत बनेंगे.

Tejas-MK2 Rollout: राफेल डील के बीच इंडियन एयरफोर्स के लिए बड़ी खुशखबरी है. HAL-DRDO ने कमाल का काम करते हुए तेजस मार्क-2 को उड़ान के लिए तैयार कर दिया है. इसका इंटरनल रोलआउट पूरा हो चुका है. अब स्वदेशी मिडियम वेट फाइटर जेट ट्रायल फेज में एंट्री कर गया है. इसके बाद कुछ मंजूरियों के बाद फाइनल रोलआउट होगा, जो सार्वजनिक तौर पर किया जाएगा.

Project Kusha Air Defence System: प्रोजेक्ट कुशा पूरी तरह 'मेड इन इंडिया' होगा, जिससे युद्ध के समय हमें किसी और देश के भरोसे नहीं रहना पड़ेगा. साथ ही, रूस या अमेरिका जैसे देशों को अरबों डॉलर नहीं देने पड़ेंगे. वहीं, इसमें ऐसी तकनीकें जोड़ी जा रही हैं जो आने वाले दशकों तक दुश्मन के किसी भी नए विमान को मार गिराने में सक्षम होंगी.

Astra MK-1 Missile Upgrade: DRDO इस अपग्रेड में मिसाइल के प्रोपल्शन सिस्टम, फ्लाइट प्रोफाइल और एनर्जी मैनेजमेंट को बेहतर बनाएगा. इसके साथ ही गाइडेंस सिस्टम में भी सुधार किया जाएगा. लंबी दूरी तक मिसाइल की रफ्तार और maneuverability बनी रहे. यह अपग्रेड मिसाइल के मूल डिजाइन में बड़े बदलाव के बिना किया जाएगा.

Fateh Ghadir Class Submarines: ईरान लंबे समय से अमेरिका की नौसैनिक ताकत का मुकाबला असममित रणनीति के जरिए करता रहा है. पनडुब्बियों की तैनाती इसी रणनीति का हिस्सा है. जिसके तहत ईरान सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े नौसैनिक बलों पर दबाव बना सकता है. ईरानी नौसेना के मुताबिक उनकी पनडुब्बियां अमेरिकी नौसैनिक गतिविधियों पर चेतावनी देने में सक्षम हैं.








