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भारत में कब-कब लगाया गया आपातकाल, UPSC की तैयारी करने वाले जरूर पढ़ लें
Zee News
Emergency History in India: भारत में तीन बार इमरजेंसी लागू हुई. दो बार राष्ट्रीय खतरे को देखते हुए लागू की गई. जबकि एक बार आंतरिक अशांति का हवाला देते हुए आपातकाल लगाया गया. इंदिरा गांधी द्वारा 1975 में लगाई गई इमरजेंसी सबसे अधिक चर्चा में रहती है, ये लोकतंत्र के लिए काला अध्याय मानी जाती है.
Emergency History in India: भारत के इतिहास में कई ऐसी घटनाएं हुई हैं, जो पन्नों में दर्ज हो गई हैं. इनमें से कई बेहद सुनहरी और यादगार घटनाएं हैं, जिनका जिक्र आते ही लोगों के चेहरे पर मुस्कान आ जाती है. जबकि कई घटनाएं ऐसी हैं, जिन्हें याद करके ही कुछ लोग सिहर उठते हैं. बहरहाल, इमरजेंसी की यादें भी लोगों की बुरे सपने जैसी ही हैं. चलिए, जानते हैं कि भारत में कितनी बार और कब-कब इमरजेंसी लागू हुई है. किस कानून के तहत लागू होती है इमरजेंसी? सबसे पहले तो ये जान लें कि इमरजेंसी किस कानून के तहत लागू होती है. भारतीय संविधान के अनुच्छेद 352, 356 और 360 के तहत आपातकाल लागू किया जा सकता हैं. किन्हीं विशेष या चिंताजनक परिस्थितियों मर इमरजेंसी लागू करने का अधिकार दिया गया है.

Indian Air Force refuelling aircraft: भारत के पास अभी सिर्फ 6 पुराने Il-78MKI विमान हैं जो 2003-2004 में उज्बेकिस्तान से लिए गए थे. पुर्जों की कमी की वजह से इनमें से आधे से ज्यादा विमान अक्सर मरम्मत के लिए खड़े रहते हैं. पिछले साल भारत ने अमेरिका की एक कंपनी से एक टैंकर विमान लीज पर लिया था, लेकिन उसके साथ अमेरिकी क्रू आता है, जो युद्ध के समय भारत के काम नहीं आ सकेगा. ऐसे में ये नए विमान नई ताकत बनेंगे.

Tejas-MK2 Rollout: राफेल डील के बीच इंडियन एयरफोर्स के लिए बड़ी खुशखबरी है. HAL-DRDO ने कमाल का काम करते हुए तेजस मार्क-2 को उड़ान के लिए तैयार कर दिया है. इसका इंटरनल रोलआउट पूरा हो चुका है. अब स्वदेशी मिडियम वेट फाइटर जेट ट्रायल फेज में एंट्री कर गया है. इसके बाद कुछ मंजूरियों के बाद फाइनल रोलआउट होगा, जो सार्वजनिक तौर पर किया जाएगा.

Project Kusha Air Defence System: प्रोजेक्ट कुशा पूरी तरह 'मेड इन इंडिया' होगा, जिससे युद्ध के समय हमें किसी और देश के भरोसे नहीं रहना पड़ेगा. साथ ही, रूस या अमेरिका जैसे देशों को अरबों डॉलर नहीं देने पड़ेंगे. वहीं, इसमें ऐसी तकनीकें जोड़ी जा रही हैं जो आने वाले दशकों तक दुश्मन के किसी भी नए विमान को मार गिराने में सक्षम होंगी.

Astra MK-1 Missile Upgrade: DRDO इस अपग्रेड में मिसाइल के प्रोपल्शन सिस्टम, फ्लाइट प्रोफाइल और एनर्जी मैनेजमेंट को बेहतर बनाएगा. इसके साथ ही गाइडेंस सिस्टम में भी सुधार किया जाएगा. लंबी दूरी तक मिसाइल की रफ्तार और maneuverability बनी रहे. यह अपग्रेड मिसाइल के मूल डिजाइन में बड़े बदलाव के बिना किया जाएगा.

Fateh Ghadir Class Submarines: ईरान लंबे समय से अमेरिका की नौसैनिक ताकत का मुकाबला असममित रणनीति के जरिए करता रहा है. पनडुब्बियों की तैनाती इसी रणनीति का हिस्सा है. जिसके तहत ईरान सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े नौसैनिक बलों पर दबाव बना सकता है. ईरानी नौसेना के मुताबिक उनकी पनडुब्बियां अमेरिकी नौसैनिक गतिविधियों पर चेतावनी देने में सक्षम हैं.








