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भारत बनेगा दुनिया का नया एविएशन हब! 12,511 करोड़ का प्लान तैयार, 90-सीटर जेट से छोटे शहरों को जोड़ने का लक्ष्य
Zee News
Indigenous Regional Jet: भारत दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते एविएशन बाजारों में से एक है. घरेलू एयरलाइंस आने वाले सालों में यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए बड़ी संख्या में विमानों की जरूरत महसूस कर रही हैं. फिलहाल भारत बोइंग और एयरबस जैसी विदेशी कंपनियों पर निर्भर है. इससे विदेशी मुद्रा पर दबाव बढ़ता है. स्थानीय जरूरतों के मुताबिक बदलाव की गुंजाइश भी सीमित रहती है.
Indigenous Regional Jet: भारत का एविएशन सेक्टर बड़े बदलाव की ओर बढ़ रहा है. केंद्र सरकार ने स्वदेशी रीजनल जेट विमान बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. इसके तहत 12511 करोड़ रुपये की लागत से एक स्पेशल पर्पज व्हीकल (SPV) बनाई जाएगी. जो देश में ही रीजनल जेट के डिजाइन, विकास और उत्पादन का काम संभालेगी. सरकार की यह पहल मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत के विजन से जुड़ी है. इसका मकसद घरेलू और क्षेत्रीय रूट्स के लिए ऐसे विमान तैयार करना है. जो भारत की जरूरतों के मुताबिक हों और विदेशी कंपनियों पर निर्भरता कम करें. : देश-दुनिया, बॉलीवुड, बिज़नेस, ज्योतिष, धर्म-कर्म, खेल और गैजेट्स की दुनिया की सभी खबरें अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें ऐप
