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भारत बनाएगा 5th जनरेशन फाइटर जेट का इंजन, राजनाथ सिंह ने ठोका खम! इंडियन एयरफोर्स को 2028 में मिलेगा AMCA Mk1
Zee News
Indigenous 5th generation fighter jet engine: भारत को 5वीं पीढ़ी का फाइटर 2030 से पहले मिल सकता है. AMCA प्रोजेक्ट काफी रफ्तार से आगे बढ़ रहा है. उस पर सोने पर सुहागा ये हो गया है कि अब 5वीं पीढ़ी का इंजन भारत में ही बनेगा. इसकी पुष्टि रक्षा मंत्री राजनाथ ने स्वयं की है.
Indigenous 5th generation fighter jet engine: भारत डिफेंस के सेक्टर में एक और माइल स्टोन हासिल करने वाला है, जिससे एयरोस्पेस के क्षेत्र में भारत परचम लहराएगा. इतना ही नहीं डिफेंस सेक्टर में आत्मनिर्भता के क्षेत्र में भारत का यह सबसे बड़ा कदम होगा. हम बात कर रहे हैं भारत के 5वीं पीढ़ी के फाइटर जेट के इंजन की. इसको लेकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को बताया कि भारत अब अपने पहले स्वदेशी फिफ्थ जनरेशन फाइटर जेट इंजन बनाने के बेहद करीब है. इसके लिए फ्रांस की एयरोस्पेस कंपनी सफरान (Safran) के साथ बातचीत लगभग पूरी हो चुकी है. : देश-दुनिया, बॉलीवुड, बिज़नेस, ज्योतिष, धर्म-कर्म, खेल और गैजेट्स की दुनिया की सभी खबरें अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें .

Indian Air Force refuelling aircraft: भारत के पास अभी सिर्फ 6 पुराने Il-78MKI विमान हैं जो 2003-2004 में उज्बेकिस्तान से लिए गए थे. पुर्जों की कमी की वजह से इनमें से आधे से ज्यादा विमान अक्सर मरम्मत के लिए खड़े रहते हैं. पिछले साल भारत ने अमेरिका की एक कंपनी से एक टैंकर विमान लीज पर लिया था, लेकिन उसके साथ अमेरिकी क्रू आता है, जो युद्ध के समय भारत के काम नहीं आ सकेगा. ऐसे में ये नए विमान नई ताकत बनेंगे.

Tejas-MK2 Rollout: राफेल डील के बीच इंडियन एयरफोर्स के लिए बड़ी खुशखबरी है. HAL-DRDO ने कमाल का काम करते हुए तेजस मार्क-2 को उड़ान के लिए तैयार कर दिया है. इसका इंटरनल रोलआउट पूरा हो चुका है. अब स्वदेशी मिडियम वेट फाइटर जेट ट्रायल फेज में एंट्री कर गया है. इसके बाद कुछ मंजूरियों के बाद फाइनल रोलआउट होगा, जो सार्वजनिक तौर पर किया जाएगा.

Project Kusha Air Defence System: प्रोजेक्ट कुशा पूरी तरह 'मेड इन इंडिया' होगा, जिससे युद्ध के समय हमें किसी और देश के भरोसे नहीं रहना पड़ेगा. साथ ही, रूस या अमेरिका जैसे देशों को अरबों डॉलर नहीं देने पड़ेंगे. वहीं, इसमें ऐसी तकनीकें जोड़ी जा रही हैं जो आने वाले दशकों तक दुश्मन के किसी भी नए विमान को मार गिराने में सक्षम होंगी.

Astra MK-1 Missile Upgrade: DRDO इस अपग्रेड में मिसाइल के प्रोपल्शन सिस्टम, फ्लाइट प्रोफाइल और एनर्जी मैनेजमेंट को बेहतर बनाएगा. इसके साथ ही गाइडेंस सिस्टम में भी सुधार किया जाएगा. लंबी दूरी तक मिसाइल की रफ्तार और maneuverability बनी रहे. यह अपग्रेड मिसाइल के मूल डिजाइन में बड़े बदलाव के बिना किया जाएगा.

Fateh Ghadir Class Submarines: ईरान लंबे समय से अमेरिका की नौसैनिक ताकत का मुकाबला असममित रणनीति के जरिए करता रहा है. पनडुब्बियों की तैनाती इसी रणनीति का हिस्सा है. जिसके तहत ईरान सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े नौसैनिक बलों पर दबाव बना सकता है. ईरानी नौसेना के मुताबिक उनकी पनडुब्बियां अमेरिकी नौसैनिक गतिविधियों पर चेतावनी देने में सक्षम हैं.








