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भारत के फाइटर जेट को 'बाहुबली' बनाएगा 6वीं पीढ़ी का इंजन, दुश्मन के पलक झपकते ही खेल कर देगा तमाम!
Zee News
भारत AMCA फाइटर जेट के लिए 6वीं पीढ़ी के इंजन की डील जुलाई 2025 तक फाइनल करेगा. GE, Safran और Rolls-Royce में से सबसे प्रबल दावेदार Rolls-Royce है, जो पूरी टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और भारत में निर्माण की पेशकश कर रही है.
Fighter Jet: भारत अपनी फाइटर जेट की ताकत सातवें आसमान पर लेकर जा रहा है. इसके लिए अभी से 6वीं पीढ़ी के फाइटर जेट बनाने की कवायद तेज कर दी है. IDRW की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत जल्द ही अपनी पहली 6वीं पीढ़ी के फाइटर जेट इंजन के लिए लगभग 5 अरब डॉलर की डील को अंतिम रूप देने जा रहा है. यह इंजन ‘एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट’ (AMCA) के Mk-2 वर्जन के लिए बनाया जाएगा. जो सुपरक्रूज, स्टील्थ और एडवांस हथियारों से लैस होगा. अमेरिका की GE, फ्रांस की Safran और ब्रिटेन की Rolls-Royce तीन बड़ी कंपनियों के बीच बात पूरी हो चुकी है. डील पर निगरानी खुद प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) कर रहा है. सबसे मजबूत दावेदार Rolls-Royce मानी जा रही है, जो पूरी टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और भारत में निर्माण का वादा कर रही है.

Afanasy Nikitin India: इतिहास के पन्नों को पलटते हैं, तो हमें मालूम चलता है कि 1498 में वास्को-डी-गामा ने भारत के समुद्री रास्ते की खोज की थी. लेकिन सच तो यह है कि उससे करीब तीन दशक पहले, 1469 में एक रूसी व्यापारी अफनासी निकितिन महाराष्ट्र के तट पर कदम रख चुका था. बिना किसी सेना और बिना किसी बड़े जहाज के, निकितिन ने अकेले ही तीन समुद्रों को पार किया और भारत की संस्कृति को अपनी डायरी में समेट लिया.

Ajit Pawar plane crash: बारामती एयरपोर्ट पर हुए दर्दनाक हादसे ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया है. महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार जिस विमान में सवार थे, वह देखते ही देखते मलबे में तब्दील हो गया. जिस Bombardier Learjet 45XR को आसमान का सबसे सुरक्षित विमान माना जाता था, वही आज मातम का सबब बन गया. इस विमान का इतिहास और इसकी तकनीकी खूबियां अब जांच के दायरे में हैं.

Indian Air Force refuelling aircraft: भारत के पास अभी सिर्फ 6 पुराने Il-78MKI विमान हैं जो 2003-2004 में उज्बेकिस्तान से लिए गए थे. पुर्जों की कमी की वजह से इनमें से आधे से ज्यादा विमान अक्सर मरम्मत के लिए खड़े रहते हैं. पिछले साल भारत ने अमेरिका की एक कंपनी से एक टैंकर विमान लीज पर लिया था, लेकिन उसके साथ अमेरिकी क्रू आता है, जो युद्ध के समय भारत के काम नहीं आ सकेगा. ऐसे में ये नए विमान नई ताकत बनेंगे.

Tejas-MK2 Rollout: राफेल डील के बीच इंडियन एयरफोर्स के लिए बड़ी खुशखबरी है. HAL-DRDO ने कमाल का काम करते हुए तेजस मार्क-2 को उड़ान के लिए तैयार कर दिया है. इसका इंटरनल रोलआउट पूरा हो चुका है. अब स्वदेशी मिडियम वेट फाइटर जेट ट्रायल फेज में एंट्री कर गया है. इसके बाद कुछ मंजूरियों के बाद फाइनल रोलआउट होगा, जो सार्वजनिक तौर पर किया जाएगा.

Project Kusha Air Defence System: प्रोजेक्ट कुशा पूरी तरह 'मेड इन इंडिया' होगा, जिससे युद्ध के समय हमें किसी और देश के भरोसे नहीं रहना पड़ेगा. साथ ही, रूस या अमेरिका जैसे देशों को अरबों डॉलर नहीं देने पड़ेंगे. वहीं, इसमें ऐसी तकनीकें जोड़ी जा रही हैं जो आने वाले दशकों तक दुश्मन के किसी भी नए विमान को मार गिराने में सक्षम होंगी.

Astra MK-1 Missile Upgrade: DRDO इस अपग्रेड में मिसाइल के प्रोपल्शन सिस्टम, फ्लाइट प्रोफाइल और एनर्जी मैनेजमेंट को बेहतर बनाएगा. इसके साथ ही गाइडेंस सिस्टम में भी सुधार किया जाएगा. लंबी दूरी तक मिसाइल की रफ्तार और maneuverability बनी रहे. यह अपग्रेड मिसाइल के मूल डिजाइन में बड़े बदलाव के बिना किया जाएगा.







