)
भारत के दो वॉरशिप होंगे समंदर के सिकंदर, ब्रह्मोस मिसाइल से लेकर रॉकेट तक से बनाएंगे दबदबा!
Zee News
INS Tamal and INS Udaygiri Boost Navy Power: भारतीय नौसेना की ताकत में रूस से मिले INS तमाल और स्वदेशी स्टील्थ फ्रिगेट INS उदयगिरि ने इजाफा किया है. (INS तमाल में ब्रह्मोस मिसाइलें, आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम, 100 मिमी तोप और एंटी-सबमरीन हथियार हैं.जबकि INS उदयगिरि, 75% स्वदेशी पार्ट्स हैं. ये स्टील्थ तकनीक और सुपरसोनिक मिसाइलों से लैस है.
INS Tamal and INS Udaygiri: इंडियन नेवी के पावर में एकदम से इजाफा हुआ है. एक तरफ तो उसे रूस का INS तमाल मिला है, जबकि दूसरी तरफ स्वदेशी स्टील्थ फ्रिगेट INS उदयगिरि भी मिला है. INS तमाल भले बाहर से आयातित आखिरी युद्धपोत हो, लेकिन ये बेहद ताकतवर वॉरशिप साबित होने वाला है. INS तमाल 3900 टन का है, जबकि INS उदयगिरि 6670 टन का है.

Indian Air Force refuelling aircraft: भारत के पास अभी सिर्फ 6 पुराने Il-78MKI विमान हैं जो 2003-2004 में उज्बेकिस्तान से लिए गए थे. पुर्जों की कमी की वजह से इनमें से आधे से ज्यादा विमान अक्सर मरम्मत के लिए खड़े रहते हैं. पिछले साल भारत ने अमेरिका की एक कंपनी से एक टैंकर विमान लीज पर लिया था, लेकिन उसके साथ अमेरिकी क्रू आता है, जो युद्ध के समय भारत के काम नहीं आ सकेगा. ऐसे में ये नए विमान नई ताकत बनेंगे.

Tejas-MK2 Rollout: राफेल डील के बीच इंडियन एयरफोर्स के लिए बड़ी खुशखबरी है. HAL-DRDO ने कमाल का काम करते हुए तेजस मार्क-2 को उड़ान के लिए तैयार कर दिया है. इसका इंटरनल रोलआउट पूरा हो चुका है. अब स्वदेशी मिडियम वेट फाइटर जेट ट्रायल फेज में एंट्री कर गया है. इसके बाद कुछ मंजूरियों के बाद फाइनल रोलआउट होगा, जो सार्वजनिक तौर पर किया जाएगा.

Project Kusha Air Defence System: प्रोजेक्ट कुशा पूरी तरह 'मेड इन इंडिया' होगा, जिससे युद्ध के समय हमें किसी और देश के भरोसे नहीं रहना पड़ेगा. साथ ही, रूस या अमेरिका जैसे देशों को अरबों डॉलर नहीं देने पड़ेंगे. वहीं, इसमें ऐसी तकनीकें जोड़ी जा रही हैं जो आने वाले दशकों तक दुश्मन के किसी भी नए विमान को मार गिराने में सक्षम होंगी.

Astra MK-1 Missile Upgrade: DRDO इस अपग्रेड में मिसाइल के प्रोपल्शन सिस्टम, फ्लाइट प्रोफाइल और एनर्जी मैनेजमेंट को बेहतर बनाएगा. इसके साथ ही गाइडेंस सिस्टम में भी सुधार किया जाएगा. लंबी दूरी तक मिसाइल की रफ्तार और maneuverability बनी रहे. यह अपग्रेड मिसाइल के मूल डिजाइन में बड़े बदलाव के बिना किया जाएगा.

Fateh Ghadir Class Submarines: ईरान लंबे समय से अमेरिका की नौसैनिक ताकत का मुकाबला असममित रणनीति के जरिए करता रहा है. पनडुब्बियों की तैनाती इसी रणनीति का हिस्सा है. जिसके तहत ईरान सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े नौसैनिक बलों पर दबाव बना सकता है. ईरानी नौसेना के मुताबिक उनकी पनडुब्बियां अमेरिकी नौसैनिक गतिविधियों पर चेतावनी देने में सक्षम हैं.








