)
भारत का मेडिकल टूरिज्म मार्केट अगले 10 सालों में कहां पहुंच जाएगा? रिपोर्ट में हो गया खुलासा
Zee News
भारत का मेडिकल टूरिज्म मार्केट 2025 में 18.2 अरब डॉलर से बढ़कर 2035 तक 58.2 अरब डॉलर हो जाएगा. एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत सस्ती सर्जरी, आयुर्वेद, योग और पंचकर्म जैसी थेरेपी के कारण ग्लोबल मेडिकल हब बन रहा है. हर साल लाखों विदेशी मरीज भारत इलाज के लिए आते हैं.
भारत अब सिर्फ टूरिज्म या टेक्नोलॉजी में ही नहीं, बल्कि मेडिकल टूरिज्म में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है. हेल्थ सेक्टर से जुड़ी एक ताजा रिपोर्ट में दावा किया गया है कि आने वाले 10 सालों में भारत का मेडिकल टूरिज्म मार्केट करीब 3 गुना बढ़ जाएगा. इस ग्रोथ के पीछे सबसे बड़ी वजह है यहां मिलने वाला किफायती इलाज, आयुर्वेदिक थेरेपीज और लोगों का भरोसा.

Indian Army Electric Car: इलेक्ट्रिक स्टाफ कारें IDDM के तहत खरीदी जाएंगी. यह Defence Acquisition Procedure 2020 (DAP 2020) के तहत सबसे उच्च प्राथमिकता (High Priority) वाली कैटेगरी है. इस योजना के तहत अधिक से अधिक स्वदेशी पार्ट का उपयोग अनिवार्य है. जिससे घरेलू डिजाइन, विकास और निर्माण को बढ़ावा मिलेगा.

Indian CQB Vs US M4 Carbine: भारत और अमेरिका की दोस्ती अपनी जगह है, लेकिन जब बात हथियारों की आती है, तो भारत ने अपनी स्वदेशी CQB कार्बाइन के जरिए साबित कर दिया है कि वह किसी से पीछे नहीं है. अमेरिका की मशहूर 'M4 कार्बाइन' पूरी दुनिया के स्पेशल फोर्स की पहली पसंद रही है, लेकिन अब भारत की नई कार्बाइन उसे हर मामले में टक्कर दे रही है.

भारत-रूस की बड़ी डिफेंस डील? Su-57 से पहले इस लड़ाकू विमान पर बड़ा दांव, 300 R-37 से IAF बरपाएगी कहर
India-Russia Defence Deal: भारतीय वायुसेना के सबसे ताकतवर लड़ाकू विमान Su-30MKI को अब ऐसी 'आंखें और हाथ' मिलने वाले हैं, जो दुश्मन को उसके घर में घुसकर मार गिराएंगे. भारत और रूस के बीच एक ऐसी मिसाइल को लेकर बातचीत शुरू हो गई है, जिसकी रेंज सुनकर ही दुश्मनों के होश उड़ जाएंगे. यह मिसाइल हवा में उड़ते हुए बड़े विमानों और जासूसी विमानों का काल मानी जाती है.

Akash Missile Dual Guidance: भारत ने अपनी 'आकाश' मिसाइल को अब इतना स्मार्ट बना दिया है कि दुश्मन का बचना नामुमकिन है. नई तकनीक के साथ यह मिसाइल अब आसमान में खुद अपना रास्ता खोजेगी और दुश्मन के लड़ाकू विमानों को चुन-चुनकर निशाना बनाएगी. सबसे बड़ी बात यह है कि अब दुश्मन के जाम करने वाले सिस्टम भी इस मिसाइल का रास्ता नहीं रोक पाएंगे.




