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भारत का नया 'अंडरवाटर ब्रह्मास्त्र' तैयार, SOV-500 डिजाइन से नौसेना की ताकत दोगुनी, डर दुश्मनों का चार गुना
Zee News
Indian Navy submarine SOV-500 design: भारतीय नौसेना के पनडुब्बी बेड़े को आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ी सफलता मिली है. नौसेना के औद्योगिक पार्टनर्स अब प्रमाणित 'SOV-500' डिजाइन का इस्तेमाल करके 2500 टन की अगली पीढ़ी की पनडुब्बियों के विकास को तेज करने में सक्षम होंगे. आपको बता दें, 'SOV-500' एक सर्टिफाइट और सुरक्षित डिजाइन है, जिसका इस्तेमाल करने से विकास का समय और लागत दोनों कम हो जाएगी.
Indian Navy submarine SOV-500 design: भारतीय नौसेना अपनी पानी के नीचे की युद्ध क्षमता को बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट पर काम कर रही है, जिसके तहत 2500 टन की नई पनडुब्बियां बनाई जानी हैं. इस प्रोजेक्ट को अब प्रमाणित 'SOV-500' डिज़ाइन के इस्तेमाल से फास्ट ट्रैक पर लाने का फैसला लिया गया है. किसी भी पनडुब्बी का डिजाइन बेहद जटिल और सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील होता है, और इसे शुरू से विकसित करने में सालों का समय लग जाता है. SOV-500 जैसे पहले से सर्टिफाइड और सुरक्षित डिजाइन के इस्तेमाल करने का मतलब है कि नौसेना के पार्टनर्स अब डिजाइन सत्यापन (Design Validation) के लंबे चरण को छोड़ सकेंगे और सीधे उत्पादन की तैयारी पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे. : देश-दुनिया, बॉलीवुड, बिज़नेस, ज्योतिष, धर्म-कर्म, खेल और गैजेट्स की दुनिया की सभी खबरें अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें .

Indian Air Force refuelling aircraft: भारत के पास अभी सिर्फ 6 पुराने Il-78MKI विमान हैं जो 2003-2004 में उज्बेकिस्तान से लिए गए थे. पुर्जों की कमी की वजह से इनमें से आधे से ज्यादा विमान अक्सर मरम्मत के लिए खड़े रहते हैं. पिछले साल भारत ने अमेरिका की एक कंपनी से एक टैंकर विमान लीज पर लिया था, लेकिन उसके साथ अमेरिकी क्रू आता है, जो युद्ध के समय भारत के काम नहीं आ सकेगा. ऐसे में ये नए विमान नई ताकत बनेंगे.

Tejas-MK2 Rollout: राफेल डील के बीच इंडियन एयरफोर्स के लिए बड़ी खुशखबरी है. HAL-DRDO ने कमाल का काम करते हुए तेजस मार्क-2 को उड़ान के लिए तैयार कर दिया है. इसका इंटरनल रोलआउट पूरा हो चुका है. अब स्वदेशी मिडियम वेट फाइटर जेट ट्रायल फेज में एंट्री कर गया है. इसके बाद कुछ मंजूरियों के बाद फाइनल रोलआउट होगा, जो सार्वजनिक तौर पर किया जाएगा.

Project Kusha Air Defence System: प्रोजेक्ट कुशा पूरी तरह 'मेड इन इंडिया' होगा, जिससे युद्ध के समय हमें किसी और देश के भरोसे नहीं रहना पड़ेगा. साथ ही, रूस या अमेरिका जैसे देशों को अरबों डॉलर नहीं देने पड़ेंगे. वहीं, इसमें ऐसी तकनीकें जोड़ी जा रही हैं जो आने वाले दशकों तक दुश्मन के किसी भी नए विमान को मार गिराने में सक्षम होंगी.

Astra MK-1 Missile Upgrade: DRDO इस अपग्रेड में मिसाइल के प्रोपल्शन सिस्टम, फ्लाइट प्रोफाइल और एनर्जी मैनेजमेंट को बेहतर बनाएगा. इसके साथ ही गाइडेंस सिस्टम में भी सुधार किया जाएगा. लंबी दूरी तक मिसाइल की रफ्तार और maneuverability बनी रहे. यह अपग्रेड मिसाइल के मूल डिजाइन में बड़े बदलाव के बिना किया जाएगा.

Fateh Ghadir Class Submarines: ईरान लंबे समय से अमेरिका की नौसैनिक ताकत का मुकाबला असममित रणनीति के जरिए करता रहा है. पनडुब्बियों की तैनाती इसी रणनीति का हिस्सा है. जिसके तहत ईरान सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े नौसैनिक बलों पर दबाव बना सकता है. ईरानी नौसेना के मुताबिक उनकी पनडुब्बियां अमेरिकी नौसैनिक गतिविधियों पर चेतावनी देने में सक्षम हैं.








