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भारत अमेरिकी जेट पर दांव खेले या रूसी लड़ाकू विमान खरीदे? डिफेंस एक्सपर्ट ने 3 पॉइंट्स में समझा दी बात
Zee News
F-35 Vs Su-57e Fighter Jet: भारत लंबे टाइम से 5वीं पीढ़ी का फाइटर जेट खरीदने की योजना बना रहा है.चीन के मुकाबले ताकत बढ़ाने के लिए भारत के पास अमेरिका से F-35 और रूस से Su-57e का ऑफर है. रिटायर्ड कर्नल सत्यपाल मलिक ने ज़ी भारत से बात करते हुए बताया कि कौनसे फाइटर जेट पर IAF को दांव लगाना चाहिए.
F-35 Vs Su-57e Fighter Jet: भारत लंबे समय से 5वीं पीढ़ी का फाइटर जेट खरीदने की प्लानिंग कर रहा है. भारत खुद ही भी अपना 5वीं पीढ़ी का लड़ाकू विमान बना रहा है, लेकिन इसके तैयार होने में अभी समय है. साल 2028 तक तो इस फाइटर जेट का प्रोटोटाइप ही बनकर तैयार हो पाएगा. ऐसे में चीन के 5वीं पीढ़ी के फाइटर जेट के मुकाबले में भारत को अपनी ताकत खड़ी करनी पड़ेगी. भारत के पास दो जेट्स का ऑफर है, एक अमेरिका की ओर से और एक रूस की तरफ से. इस पर रिटायर्ड कर्नल सत्यपाल मलिक ने Zee Bharat से बात की और बताया कि भारत के लिए कौनसा जेट बेस्ट रहेगा.

Indian Navy Shipyards: रक्षा मंत्रालय (MoD) ने मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (MDL), गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE), गोवा शिपयार्ड लिमिटेड (GSL) और हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड (HSL) जैसे सरकारी शिपयार्ड्स को खास निर्देश दिए हैं. इन निर्देशों के तहत डॉकिंग और निर्माण क्षमता बढ़ाई जाएगी. ताकि भारत में बने युद्धपोतों का निर्यात आसान और तेज हो सके.

India Russia SU-57 Deal: भारत क्या रूस से SU-57 खरीदेगा. रूस ने एक बाद एक ऑफर भारत के सामने पेश किया है. रोस्टेक कंपनी के सीईओ ने सीईओ ने भारत जिस राफेल डील के पीछे जा रहा है, हम उतने ही पैसे में 5वीं पीढ़ी के 230 फाइटर जेट देंगे. यानी दोगुने से भी ज्यादा फाइटर जेट भारत को मिलेंगे. वर्तमान में फ्रांस से 114 राफेल फाइटर जेट को लेकर भारत से फ्रांस की बातचीत चल रही है.

Indian Navy S5 Class SSBN Construction: चीन और पाकिस्तान की बढ़ती नौसैनिक ताकत भारत के लिए एक बड़ी चुनौती मानी जाती है. इसी को ध्यान में रखते हुए S5 पनडुब्बियों को बेहद आधुनिक स्टेल्थ तकनीक से लैस किया जा रहा है. इनमें 190 मेगावॉट का प्रेसराइज्ड वाटर रिएक्टर होगा. इसे पूरी तरह स्वदेशी रूप से भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (BARC) ने विकसित किया है.

Indian Navy Kamikaze Drones for Maritime Strike: इन मैरीटाइम लॉइटरिंग म्यूनिशन की रेंज अधिक होगी. नौसेना के जहाज दुश्मन के तट और जहाजों पर काफी दूर से हमला कर सकेंगे. इससे दुश्मन के तटीय डिफेंस सिस्टम और एंटी-शिप हथियारों का खतरा कम होगा. इन ड्रोन को दोहरी भूमिका के लिए तैयार किया जा रहा है. जमीन पर मौजूद ठिकानों के साथ-साथ दुश्मन के युद्धपोतों पर भी हमला किया जा सकेगा.

Reliance Will buy oil from Venezuela: अमेरिका के 500 प्रतिशत टैरिफ के जवाब की तैयारी भारत कर रहा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, पहले तो रूस से तेल खरीदना कम कर रहा है. इसके अलावा दूसरी तरफ भारतीय निजी और सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियां वेनेजुएला से तेल खरीदने को तैयार हो गई हैं, यह वही तेल होगा, जिसपर अमेरिका का स्वामित्व होगा.

Project Kusha air defence: भारत अब दुश्मन की मिसाइलों और विमानों को हवा में ही ढेर करने के मामले में दुनिया के सबसे ताकतवर देशों की कतार में खड़ा होने जा रहा है. भारत का अपना 'S-400' यानी प्रोजेक्ट कुशा अब पूरी तरह तैयार है. वैज्ञानिकों ने इसके पहले चरण का परीक्षण करने की ठान ली है, जिससे चीन और पाकिस्तान जैसे पड़ोसियों की टेंशन बढ़ना तय है.







