
बोहरा समुदाय से PM की मुलाकात में छुपी है क्या 'बड़ी रणनीति', देशभर में हो सकता है असर
Zee News
मूल रूप से शिया समुदाय से ताल्लुक रखने वाले बोहरा गुजरात और महाराष्ट्र में प्रभावशाली माने जाते हैं. शिया समुदाय के एक हिस्से का पहले से भी बीजेपी को वोट मिलता रहा है. अब बीएमसी चुनाव से पहले पीएम की इस समुदाय को अहम माना जा रहा है. इसका न सिर्फ महाराष्ट्र गुजरात बल्कि देश के अन्य हिस्सों में शिया समुदाय पर गहरा असर हो सकता है.
नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को दाउदी बोहरा समुदाय से मुलाकात की. इस अवसर पर पीएम मोदी ने अरबी की पढ़ाई के एक बड़े सेंटर का उद्घाटन भी किया. मूल रूप से शिया समुदाय से ताल्लुक रखने वाले बोहरा गुजरात और महाराष्ट्र में प्रभावशाली माने जाते हैं. शिया समुदाय के एक हिस्से का पहले से भी बीजेपी को वोट मिलता रहा है. अब बीएमसी चुनाव से पहले पीएम की इस समुदाय को अहम माना जा रहा है. इसका न सिर्फ महाराष्ट्र गुजरात बल्कि देश के अन्य हिस्सों में शिया समुदाय पर गहरा असर हो सकता है.
दशकों पुराने संबंधों को पीएम ने किया याद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दाऊदी बोहरा समुदाय के साथ साझा किए गए अपने दशकों पुराने रिश्तों को याद किया. अलजामिया-तुस-सैफिया अरबी अकादमी के चौथे परिसर का उद्घाटन करने के बाद मोदी ने कहा, 'मैं यहां परिवार के सदस्य की तरह हूं, प्रधानमंत्री के तौर पर नहीं. अलजामिया-तुस-सैफिया अरबी अकादमी दाऊदी बोहरा समुदाय का प्रमुख शिक्षण संस्थान है. मोदी ने कहा कि परिसर में आना अपने परिवार के पास आने जैसा है. उन्होंने समुदाय के साथ अपने रिश्तों का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि दाऊदी बोहरा समुदाय समय के अनुसार बदलाव लाने की कसौटी पर खरा उतरा है.
