
बेबाक अंदाज!! बेख़ौफ़ सहाफ़त!! बोलती आंखें! कुछ ऐसी ही शख्सियत के मालिक थे रोहित सरदाना
Zee News
ज़ी सलाम के एडिटर दिलीप तिवारी का कहना है कि रोहित सरदाना जैसे लोग नायाब होते हैं, जो बिना किसी नफ़ा व नुक्सान की परवाह किए काम में लगे रहते हैं.
नई दिल्ली: बेबाक अंदाज!! बेख़ौफ़ जर्नलिस्ट !! बोलती आंखें! इज़ारे राय का बेलौस अंदाज़!! स्क्रीन पर छा जाने वाली गज़ब जादूगरी! बेजान डिबेट में जान भर देने वाली काबिलियत.!! प्राइम टाइम का पर्दा हमेशा उनकी मौजूदगी से चकाचौंध रहा, हमेशा रहेगा. जब-जब प्राइम टाइम डिबेट की बात आएगी, रोहित सरदाना हमेशा बहुत याद किए जाएंगे. उनकी ज़ात ही कुछ ऐसी थी. काशी, मिट्ठू के पापा, प्रमिला के पति का यूं जाना दिल छलनी कर गया..!! ऐसे लोग बिरले होते हैं जो बिना लाभ हानि की चिंता किए काम में लगे रहते हैं। पत्रकारिता रोहित के लिए पैशन था राशन नहीं... सुबह ही वो मनहूस और वजूद को हिला देने वाली खबर आई कि 'आज तक' चैनल के एक्जीक्यूटिव एडिटर रोहित सरदाना का कोरोना से इंतिकाल हो गया. कोरोना से धीरे धीर वह सेहतयाब हो ही रहे थे कि हार्ट अटैक ने सांसों की डोर छीन ली. रोहित सरदाना ने अपने बेहतरीन साल ज़ी न्यूज चैनल में काम करते हुए भी गुज़ारे हैं. तब वे प्रिंस के बोरवेल में गिरने के कवरेज से एकदम चर्चित हो गए थे. रंग-ढंग और खबरों में हरियाणवी अंदाज़, रोहित अपने आप में एकदम देसी थे. इतनी ऊंचाई पाने के बाद भी सादा शख्सियत, कोई दिखावा नहीं. उतनी ही सादगी के साथ साथियों से मिलते. — Dileep Tiwari (@dileeptiwari23)More Related News
