
"बिहार की 13 करोड़ आबादी में एक भी ओलंपिक खिलाड़ी नहीं": तेजस्वी यादव के दिल में दबी टीस बाहर आई
NDTV India
तेजस्वी यादव ने कहा, यह ध्यान देने योग्य बात है कि मणिपुर, हरियाणा और पंजाब जैसे छोटे और कहीं ज्यादा कम आबादी वाले राज्य खेल कूद के मामले में बिहार से बहुत ही आगे है. हरियाणा और पंजाब में एक निर्धारित स्तर पर नाम कमाने पर सरकारी नौकरी दी जाती है और अच्छा करने पर पदोन्नति भी दी जाती है. बिहार में स्पोर्ट्स कोटा के नाम पर नौकरी तो है, पर उससे सरकार के क़रीबी लोगों को ही जैसे तैसे लाभ पहुंचाया जाता है.
बिहार की 13 करोड़ आबादी है, पर एक भी खिलाड़ी ओलंपिक में भारत के लिए भागीदारी तक नहीं कर पाया. इसको लेकर नेता प्रतिपक्ष और राजद प्रमुख तेजस्वी यादव के दिल में दबी टीस बाहर आई है. तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) के “मन की बात-खेल और बिहार” के विषय पर अपनी बात रखी. उन्होंने लिखा, खेल जगत का सबसे बड़ा उत्सव टोक्यो ओलंपिक्स समाप्त हो चुका है. पूरे टोक्यो ओलंपिक्स (Tokyo Olympics) का बिहारवासियों (Bihar Olympic Participation) ने पूरे देश के साथ आनन्द लिया. जीत पर खुशी मनाया, हार पर निराश हुए. पर एक बात ने हर बिहारीवासी को हृदय से ज़रूर कचोटा होगा. मुझे भी इस बात की टीस लंबे समय से रही है. वह बात है टोक्यो ओलंपिक में 13 करोड़ की आबादी वाले बिहार प्रदेश के एक भी खिलाड़ी का देश का इस विश्व स्तर के खेल मंच पर प्रतिनिधित्व नहीं करना. 2016 में रियो ओलंपिक्स के बाद भी मैंने अपने “दिल की बात- ओलंपिक्स, भारत और बिहार” शृंखला के तहत अपनी इस पीड़ा को ज़ाहिर किया था.










