
बच्चों में बढ़ रही ऑनलाइन गेमिंग की लत, जानें क्या है लक्षण और आदत छुड़ाने का तरीका
Zee News
पिछले साल भारत में हुए एक सर्वे में 20 साल से कम उम्र के 65 प्रतिशत बच्चों ने माना था कि वो ऑनलाइन गेम (Online Game) खेलने के लिए खाना और नींद तक छोड़ने के लिए तैयार हैं और बहुत सारे बच्चे तो इसके लिए अपने पैरेंट्स का पैसा तक चुराने के लिए तैयार हैं.
नई दिल्ली: बच्चों को लग रही एक ऐसी बुरी आदत, जिसके बारे में हर मां बाप को सावधान होना चाहिए, क्योंकि अगर आपने अपने बच्चे पर ध्यान नहीं दिया तो उसकी ये लत आपकी जेब पर भी भारी पड़ सकती है और आपके बच्चे की जिंदगी पर भी. ये ऑनलाइन गेम (Online Game) खेलने की लत है. मुंबई में रहने वाले एक 16 साल के बच्चे को पबजी (PUBG) नाम का ऑनलाइन गेम खेलने का शौक था. वो इस गेम के एडवांस लेवल पर पहुंचना चाहता था. इसके लिए मोबाइल ऐप पर पैसे खर्च करने पड़ते हैं. इस बच्चे ने ऐसा ही किया. उसने अपनी मां के बैंक अकाउंट से 10 लाख रुपये निकाल लिए. इस गेम को कुछ समय पहले भारत में बैन कर दिया गया था, लेकिन अब दक्षिण कोरिया की एक कंपनी ने इस गेम को बदले हुए नाम के साथ भारत में लॉन्च कर दिया है. जब इस बच्चे की मां को इसका पता चला तो उसने अपने बच्चे को डांटा. ये बात बच्चे को बुरी लग गई. फिर उसने एक चिट्ठी लिखी और घर छोड़कर चला गया. उसने चिट्ठी में लिखा था कि अब वो कभी वापस घर नहीं आएगा. खैर 24 घंटे की मेहनत के बाद पुलिस ने बच्चे को ढूंढ निकाला और उसे समझा बुझाकर उसके घर वापस पहुंचा दिया. लेकिन ये कहानी भारत के किसी सिर्फ एक बच्चे की नहीं है. बल्कि इस समय हजारों लाखों बच्चे ऑनलाइन गेमिंग की इस बुरी आदत का शिकार हैं.
Indian France Rafale deal: फ्रांस से खरीदे जाने वाले 114 राफेल की मंजूरी डिफेंस प्रोक्योरमेंट बोर्ड से मिल गई है. जिससे यह डील अंतिम चरण में पहुंच गई है. इसके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली DAC की बैठक में डील पर चर्चा के बाद मुहर लगाई जाएगी. अंतिम हस्तारक्षर इस डील पर पीएम मोदी करेंगे.

India Nuclear Powered Submarine: साल 2040 तक भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा न्यूक्लियर पावर्ड पनडुब्बी ऑपरेटर बन सकता है. इस दौरान भारत ब्रिटेन को पीछे छोड़ देगा. अमेरिका, रूस और चीन के बाद चौथा देश बन जाएगा. दुनिया में सबसे ज्यादा न्यूक्लियर सबमरीन अमेरिका के पास हैं. इनकी संख्या 60 से 70 के बीच है.

DRDO hypersonic missile: भारतीय नौसेना एक बेहद लंबी दूरी वाली, हवा से लॉन्च होने वाली 'एंटी-शिप बैलिस्टिक' मिसाइल हासिल करने की योजना बना रही है. यह मिसाइल 1,000 किलोमीटर तक मार करने में सक्षम होगी. इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि हमारे लड़ाकू विमान दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम की रेंज में आए बिना ही उनके जहाजों को समंदर की गहराइयों में भेज सकेंगे.

30MM Naval Gun Indian Navy: यह गन सिस्टम भारत फोर्ज के आर्टिलरी सेक्टर में अनुभव पर आधारित है. कंपनी पहले ही 30×173 मिमी NATO स्टैंडर्ड कैलिबर पर आधारित मॉड्यूलर टर्रेट्स विकसित कर चुकी है. इनका इस्तेमाल इंफैंट्री कॉम्बैट व्हीकल्स में होता है. यही कैलिबर समुद्री नजदीकी लड़ाई (Close-Range Engagement) के लिए भी प्रभावी माना जाता है.









