
बचपन में ही पिता को खोया, घर चलाने के लिए ट्यूशन पढ़ाया फिर ऐसे बिहार की इस बेटी ने रचा इतिहास
Zee News
बुरे वक्त में भी जिनके हौसले और इरादे चट्टान की तरह मजबूत होते हैं वो सफलता की नई इबारत लिखते हैं.
नई दिल्लीः वो कहते हैं न कि सफलता परिस्थितियों की मोहताज नहीं होती है. मुश्किल वक्त में इंसान टूटता भी है और मजबूत भी होता है. बुरे वक्त में भी जिनके हौसले और इरादे चट्टान की तरह मजबूत होते हैं वो सफलता की नई इबारत लिखते हैं. कभी जो लोग आपकी बेबसी पर तरस खाते रहते हैं वही लोग तारीफों के कसीदे पढ़ते हैं और मिसाल देते हैं. ऐसी ही सफलता की एक कहानी है बिहार के मोतिहारी जिले की एक लड़की की. बचपन में ही उठा पिता का साया फिर... ये कहानी है घोड़ासहन की जेनी कुमारी की. जेनी जब बहुत छोटी थी तभी उनके पिता का निधन हो गया था, लेकिन जेनी ने हार नहीं मानी. पिता ही कमाने वाले एक मात्र सहारा थे. उनके जाने के बाद जेनी के घर पर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा. लेकिन जेनी ने अपने सपनों से समझौता नहीं किया और घर-घर जाकर उन्होंने बच्चों को ट्यूशन पढ़ाना शुरू किया. कोचिंग सेंटर और प्राइवेट स्कूल में बच्चों को पढ़ाया. घर चलाने के साथ ही साथ जेनी ने पढ़ाई भी जारी रखी.
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