
फरियादियों को नहीं लगाने होंगे कप्तान ऑफिस के चक्कर, थाने से ही करिए SP से बात
Zee News
किशनगंज पुलिस की नायाब पहल E-भरोसा शुरू हुई है. फरियादियों को समस्याओं का शीघ्र समाधान कराने हेतु एसपी ऑफिस के चक्कर नहीं लगाने होंगे.
किशनगंज: कोरोना काल में फरियादियों की समस्यों के समाधान के लिए एसपी कुमार आशीष ने एक नई व्यवस्था लागू की है. नई व्यवस्था के तहत जिलेवासियों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए एसपी ऑफिस के चक्कर नहीं लगाने होंगे. किशनगंज पुलिस की E-भरोसा योजना के तहत फरियादियों की समस्या का समाधान होगा. एसपी से मिलने के इच्छुक लोग स्थानीय थाना से वर्चुअल संवाद कर सकेंगे. नई व्यवस्था के तहत एसपी हर सप्ताह वर्चुअल माध्यम से अपने सभी थानाध्यक्षों, अंचल निरीक्षकों से संवाद करेंगे. इसपी ने निर्देश दिया है कि साथ थानाध्यक्ष अपने थाना या ऑफिस में 12 बजे से ऑनलाइन रहेंगे. कोई भी व्यक्ति जिन्हें एसपी या डीएसपी से बात करनी है, कोई शिकायत जिसका समाधान स्थानीय थाना स्तर पर नहीं किया जा रहा है, जन-हित से जुड़ा कोई सुझाव देना चाहते हों, वो अपने नजदीकी थाने पर जाकर थानाध्यक्ष के सामने ही एसपी किशनगंज से वर्चुअल तरीके से रूबरू होकर अपनी बात रख सकते हैं. इस व्यवस्था के तहत उन्हें एसपी ऑफिस आने की दरकार नहीं होगी.
Indian France Rafale deal: फ्रांस से खरीदे जाने वाले 114 राफेल की मंजूरी डिफेंस प्रोक्योरमेंट बोर्ड से मिल गई है. जिससे यह डील अंतिम चरण में पहुंच गई है. इसके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली DAC की बैठक में डील पर चर्चा के बाद मुहर लगाई जाएगी. अंतिम हस्तारक्षर इस डील पर पीएम मोदी करेंगे.

India Nuclear Powered Submarine: साल 2040 तक भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा न्यूक्लियर पावर्ड पनडुब्बी ऑपरेटर बन सकता है. इस दौरान भारत ब्रिटेन को पीछे छोड़ देगा. अमेरिका, रूस और चीन के बाद चौथा देश बन जाएगा. दुनिया में सबसे ज्यादा न्यूक्लियर सबमरीन अमेरिका के पास हैं. इनकी संख्या 60 से 70 के बीच है.

DRDO hypersonic missile: भारतीय नौसेना एक बेहद लंबी दूरी वाली, हवा से लॉन्च होने वाली 'एंटी-शिप बैलिस्टिक' मिसाइल हासिल करने की योजना बना रही है. यह मिसाइल 1,000 किलोमीटर तक मार करने में सक्षम होगी. इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि हमारे लड़ाकू विमान दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम की रेंज में आए बिना ही उनके जहाजों को समंदर की गहराइयों में भेज सकेंगे.

30MM Naval Gun Indian Navy: यह गन सिस्टम भारत फोर्ज के आर्टिलरी सेक्टर में अनुभव पर आधारित है. कंपनी पहले ही 30×173 मिमी NATO स्टैंडर्ड कैलिबर पर आधारित मॉड्यूलर टर्रेट्स विकसित कर चुकी है. इनका इस्तेमाल इंफैंट्री कॉम्बैट व्हीकल्स में होता है. यही कैलिबर समुद्री नजदीकी लड़ाई (Close-Range Engagement) के लिए भी प्रभावी माना जाता है.









