
प्रधानमंत्री ने कहा- नई शिक्षा नीति छात्रों को आजाद होकर मर्जी के मुताबिक तालीम हासिल करने की राह खोलता है
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नई शिक्षा नीति की पहली वर्षगांठ पर पीएम मोदी ने कहा कि भविष्य में हम कितना आगे जाएंगे, कितनी ऊंचाई हासिल करेंगे, ये इस बात पर निर्भर करेगा कि हम अपने नौजवानों को आज कैसी तालीम दे रहे हैं.
नई दिल्लीः मुल्क में नई शिक्षा नीति को नाफिज हुए एक साल हो गया है. इस मौके पर जुमेरात को वजीर-ए-आजम नरेंद्र मोदी ने एक ग्रुप को खिताब करते हुए कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति को एक साल पूरा होने और इस पाॅलिसी को जमीन पर उतारने के लिए सभी देशवासियों, विद्यार्थियों, शिक्षकों, नीतिकारों को मुबारकबाद! मोदी ने कहा कि भविष्य में हम कितना आगे जाएंगे, कितनी ऊंचाई हासिल करेंगे, ये इस बात पर निर्भर करेगा कि हम अपने नौजवानों को आज कैसी तालीम दे रहे हैं. मैं मानता हूं भारत की नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति मुल्क की तामीर में अहम रोल अदा करेगी. पीएम मोदी ने कहा कि आज बन रही संभावनाओं को साकार करने के लिए हमारे युवाओं को दुनिया से एक कदम आगे होना पड़ेगा, एक कदम आगे का सोचना होगा. हेल्थ हो, डिफेंस हो, इनफ्रास्ट्रक्चर हो, टेक्नाॅलजी हो, मुल्क को हर दिशा में समर्थ और आत्मनिर्भर होना होगा. I am happy to share that there are 14 engineering colleges in 8 states which offer education in 5 different Indian languages including Hindi-Tamil, Telugu, Marathi, and Bangla: PM Modi — ANI (@ANI)
Indian France Rafale deal: फ्रांस से खरीदे जाने वाले 114 राफेल की मंजूरी डिफेंस प्रोक्योरमेंट बोर्ड से मिल गई है. जिससे यह डील अंतिम चरण में पहुंच गई है. इसके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली DAC की बैठक में डील पर चर्चा के बाद मुहर लगाई जाएगी. अंतिम हस्तारक्षर इस डील पर पीएम मोदी करेंगे.

India Nuclear Powered Submarine: साल 2040 तक भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा न्यूक्लियर पावर्ड पनडुब्बी ऑपरेटर बन सकता है. इस दौरान भारत ब्रिटेन को पीछे छोड़ देगा. अमेरिका, रूस और चीन के बाद चौथा देश बन जाएगा. दुनिया में सबसे ज्यादा न्यूक्लियर सबमरीन अमेरिका के पास हैं. इनकी संख्या 60 से 70 के बीच है.

DRDO hypersonic missile: भारतीय नौसेना एक बेहद लंबी दूरी वाली, हवा से लॉन्च होने वाली 'एंटी-शिप बैलिस्टिक' मिसाइल हासिल करने की योजना बना रही है. यह मिसाइल 1,000 किलोमीटर तक मार करने में सक्षम होगी. इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि हमारे लड़ाकू विमान दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम की रेंज में आए बिना ही उनके जहाजों को समंदर की गहराइयों में भेज सकेंगे.

30MM Naval Gun Indian Navy: यह गन सिस्टम भारत फोर्ज के आर्टिलरी सेक्टर में अनुभव पर आधारित है. कंपनी पहले ही 30×173 मिमी NATO स्टैंडर्ड कैलिबर पर आधारित मॉड्यूलर टर्रेट्स विकसित कर चुकी है. इनका इस्तेमाल इंफैंट्री कॉम्बैट व्हीकल्स में होता है. यही कैलिबर समुद्री नजदीकी लड़ाई (Close-Range Engagement) के लिए भी प्रभावी माना जाता है.









