
पीएम मोदी के फैसले ने बदली 2 करोड़ लोगों की जिंदगी, वरदान साबित हुआ ये कानून
Zee News
Citizenship Amendment Act: पाकिस्तान से आए शरणार्थी बताते हैं कि पाकिस्तान में पक्का मकान था लेकिन सुरक्षित नहीं थे. यहां झोपड़ी में रहते लेकिन फिर भी अपने आपको सेफ समझते हैं.
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के इस फैसले से उन शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता की ताकत दी है, जिन्हें पड़ोसी देश पाकिस्तान (Pakistan), बांग्लादेश (Bangladesh) और अफगानिस्तान (Afghanistan) में अल्पसंख्यक होने की सजा मिली, जिन पर गैर-मुस्लिम होने की वजह से अत्याचार हुए और जो लोग अपना घर, अपना मुल्क छोड़कर भारत आने के लिए मजबूर हो गए.
इन दिनों भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान और बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार के मामले काफी बढ़े हैं. आपने भी ऐसी खबरें देखी होंगी या पढ़ी होंगी. ये सब देखकर लोगों को CAA की याद आ रही है. CAA यानी नागरिकता संशोधन कानून उन शरणार्थियों को भारत की नागरिकता देता है, जो पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से 31 दिसंबर 2014 से पहले भारत आ गए थे. ये वो लोग हैं, जिन्हें उनके धर्म की वजह से निशाना बनाया गया.

Indian France Rafale deal: फ्रांस से खरीदे जाने वाले 114 राफेल की मंजूरी डिफेंस प्रोक्योरमेंट बोर्ड से मिल गई है. जिससे यह डील अंतिम चरण में पहुंच गई है. इसके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली DAC की बैठक में डील पर चर्चा के बाद मुहर लगाई जाएगी. अंतिम हस्तारक्षर इस डील पर पीएम मोदी करेंगे.

India Nuclear Powered Submarine: साल 2040 तक भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा न्यूक्लियर पावर्ड पनडुब्बी ऑपरेटर बन सकता है. इस दौरान भारत ब्रिटेन को पीछे छोड़ देगा. अमेरिका, रूस और चीन के बाद चौथा देश बन जाएगा. दुनिया में सबसे ज्यादा न्यूक्लियर सबमरीन अमेरिका के पास हैं. इनकी संख्या 60 से 70 के बीच है.

DRDO hypersonic missile: भारतीय नौसेना एक बेहद लंबी दूरी वाली, हवा से लॉन्च होने वाली 'एंटी-शिप बैलिस्टिक' मिसाइल हासिल करने की योजना बना रही है. यह मिसाइल 1,000 किलोमीटर तक मार करने में सक्षम होगी. इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि हमारे लड़ाकू विमान दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम की रेंज में आए बिना ही उनके जहाजों को समंदर की गहराइयों में भेज सकेंगे.

30MM Naval Gun Indian Navy: यह गन सिस्टम भारत फोर्ज के आर्टिलरी सेक्टर में अनुभव पर आधारित है. कंपनी पहले ही 30×173 मिमी NATO स्टैंडर्ड कैलिबर पर आधारित मॉड्यूलर टर्रेट्स विकसित कर चुकी है. इनका इस्तेमाल इंफैंट्री कॉम्बैट व्हीकल्स में होता है. यही कैलिबर समुद्री नजदीकी लड़ाई (Close-Range Engagement) के लिए भी प्रभावी माना जाता है.









