
पिता करते थे मारुति फैक्ट्री में काम, बेटी बनी IPS अफसर; KBC में जीत चुकी हैं 1 करोड़ रुपये
Zee News
IPS Mohita Sharma Success Story: कौन बनेगा करोड़पति (KBC 12) के 12वें सीजन में मोहिता शर्मा (Mohita Sharma) ने शानदार खेल दिखाते हुए 1 करोड़ रुपये जीत लिए, हालांकि 7 करोड़ रुपये के लिए 16वें सवाल पर वे अटकीं और कन्फ्यूजन की वजह से उन्होंने गेम बीच में ही क्विट कर दिया.
नई दिल्ली: पॉपुलर टीवी क्विज शो कौन बनेगा करोड़पति (KBC 12) के 12वें सीजन में एक करोड़ रुपये जीतने वाली मोहिता शर्मा (Mohita Sharma) आईपीएस अफसर हैं और वर्तमान समय में अति संवेदनशील माने जाने वाले जम्मू-कश्मीर में तैनात हैं. हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा की रहने वाली मोहिता शर्मा (IPS Mohita Sharma Success Story) ने 2017 बैच की आईपीएस हैं, लेकिन यूपीएससी परीक्षा (UPSC Exam) पास करना उनके लिए इतना आसान नहीं था, क्योंकि उनके परिवार की आर्थिक स्थिति ज्यादा ठीक नहीं थी. यूपीएससी पाठशाला की रिपोर्ट के अनुसार, मोहिता शर्मा (Mohita Sharma) हिमाचल की कांगड़ा की रहने वाली हैं, लेकिन बाद में उनका परिवार दिल्ली आ गया था. उनके पिता मारुति कंपनी में काम करते थे और उनकी मां हाउस वाइफ हैं. मोहिता के परिवार का आर्थिक स्थिति उतनी अच्छी नहीं थी, लेकिन उनके पिता ने मोहिता की पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने दी. मोहिता ने कड़ी मेहनत की और यूपीएससी परीक्षा पास कर आईपीएस अफसर (IPS Officer) बन गईं.
Indian France Rafale deal: फ्रांस से खरीदे जाने वाले 114 राफेल की मंजूरी डिफेंस प्रोक्योरमेंट बोर्ड से मिल गई है. जिससे यह डील अंतिम चरण में पहुंच गई है. इसके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली DAC की बैठक में डील पर चर्चा के बाद मुहर लगाई जाएगी. अंतिम हस्तारक्षर इस डील पर पीएम मोदी करेंगे.

India Nuclear Powered Submarine: साल 2040 तक भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा न्यूक्लियर पावर्ड पनडुब्बी ऑपरेटर बन सकता है. इस दौरान भारत ब्रिटेन को पीछे छोड़ देगा. अमेरिका, रूस और चीन के बाद चौथा देश बन जाएगा. दुनिया में सबसे ज्यादा न्यूक्लियर सबमरीन अमेरिका के पास हैं. इनकी संख्या 60 से 70 के बीच है.

DRDO hypersonic missile: भारतीय नौसेना एक बेहद लंबी दूरी वाली, हवा से लॉन्च होने वाली 'एंटी-शिप बैलिस्टिक' मिसाइल हासिल करने की योजना बना रही है. यह मिसाइल 1,000 किलोमीटर तक मार करने में सक्षम होगी. इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि हमारे लड़ाकू विमान दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम की रेंज में आए बिना ही उनके जहाजों को समंदर की गहराइयों में भेज सकेंगे.

30MM Naval Gun Indian Navy: यह गन सिस्टम भारत फोर्ज के आर्टिलरी सेक्टर में अनुभव पर आधारित है. कंपनी पहले ही 30×173 मिमी NATO स्टैंडर्ड कैलिबर पर आधारित मॉड्यूलर टर्रेट्स विकसित कर चुकी है. इनका इस्तेमाल इंफैंट्री कॉम्बैट व्हीकल्स में होता है. यही कैलिबर समुद्री नजदीकी लड़ाई (Close-Range Engagement) के लिए भी प्रभावी माना जाता है.









