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पाकिस्तान को बर्बाद करने की तैयारी, इंडियन आर्मी ने एक साथ उड़ाए सैकडों जंगी ड्रोन; भारत के इस शहर में दिखाया घातक डेमो
Zee News
Indian Army Ambala drone exercise: यह एक्सरसाइज हरियाणा के अंबाला में की गई. एक्सरसाइज को लेकर सेना के पश्चिमी कमान के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कुमार कटियार ने बताया कि सोमवार भारतीय सेना ने 5 किलोमीटर तक की रेंज वाले टैक्टिकल ड्रोन का डेमो किया. उन्होंने बताया कि एक्सरसाइज के दौरान सैकड़ों ड्रोन एक साथ उड़े और मारक क्षमता का प्रदर्शन किया गया.
Indian Army Ambala drone exercise: भारत समेत पूरी दुनिया पारंपरिक युद्ध के तरीके से ध्यान हटाकर मॉडर्न वॉरफेयर पर फोकस कर रही है. मॉडर्न वॉरफेयर में स्वदेशी टेक्नोलॉजी मील का पत्थर साबित हो सकती है. ऐसा ही कुछ ऑपरेशन सिंदूर के दौरान देखने के मिला था. जब पाकिस्तान मेड इन चाइना और मेड इन तुर्किए ड्रोन से हमला कर रहा था तो भारत ने मेड इन इंडिया ड्रोन का इस्तेमाल कर काउंटर अटैक किया था. अब भारत ने मॉडर्न स्वदेशी हथियारों की दिशा में एक और मजबूत कदम बढ़ाया है. दरअसल भारतीय सेना की पश्चिमी कमान ने एक्सरसाइज में अपनी ड्रोन क्षमता का प्रदर्शन किया है.

Tejas-MK2 Rollout: राफेल डील के बीच इंडियन एयरफोर्स के लिए बड़ी खुशखबरी है. HAL-DRDO ने कमाल का काम करते हुए तेजस मार्क-2 को उड़ान के लिए तैयार कर दिया है. इसका इंटरनल रोलआउट पूरा हो चुका है. अब स्वदेशी मिडियम वेट फाइटर जेट ट्रायल फेज में एंट्री कर गया है. इसके बाद कुछ मंजूरियों के बाद फाइनल रोलआउट होगा, जो सार्वजनिक तौर पर किया जाएगा.

Project Kusha Air Defence System: प्रोजेक्ट कुशा पूरी तरह 'मेड इन इंडिया' होगा, जिससे युद्ध के समय हमें किसी और देश के भरोसे नहीं रहना पड़ेगा. साथ ही, रूस या अमेरिका जैसे देशों को अरबों डॉलर नहीं देने पड़ेंगे. वहीं, इसमें ऐसी तकनीकें जोड़ी जा रही हैं जो आने वाले दशकों तक दुश्मन के किसी भी नए विमान को मार गिराने में सक्षम होंगी.

Astra MK-1 Missile Upgrade: DRDO इस अपग्रेड में मिसाइल के प्रोपल्शन सिस्टम, फ्लाइट प्रोफाइल और एनर्जी मैनेजमेंट को बेहतर बनाएगा. इसके साथ ही गाइडेंस सिस्टम में भी सुधार किया जाएगा. लंबी दूरी तक मिसाइल की रफ्तार और maneuverability बनी रहे. यह अपग्रेड मिसाइल के मूल डिजाइन में बड़े बदलाव के बिना किया जाएगा.

Fateh Ghadir Class Submarines: ईरान लंबे समय से अमेरिका की नौसैनिक ताकत का मुकाबला असममित रणनीति के जरिए करता रहा है. पनडुब्बियों की तैनाती इसी रणनीति का हिस्सा है. जिसके तहत ईरान सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े नौसैनिक बलों पर दबाव बना सकता है. ईरानी नौसेना के मुताबिक उनकी पनडुब्बियां अमेरिकी नौसैनिक गतिविधियों पर चेतावनी देने में सक्षम हैं.

C-130J Super Hercules: भारत सरकार जल्द ही MTA प्रोग्राम के लिए Request for Proposal (RFP) जारी करने की तैयारी में है. बढ़ी हुई रेंज वाला C-130J भारत की अलग-अलग जरूरतों के लिए अधिक उपयोगी माना जा रहा है. इसमें लंबी दूरी की लॉजिस्टिक्स सपोर्ट, स्पेशल फोर्स ऑपरेशन, आपदा राहत मिशन और छोटे रनवे से ऑपरेशन शामिल हैं. अधिक रेंज होने से विमान बिना बार-बार ईंधन भरे बड़े इलाके को कवर कर सकेगा.








