
पहले शिक्षक पर्व के उद्घाटन पर क्या बोले पीएम मोदी, पांच Points में खास बातें
Zee News
Inauguration of the First Teacher Festival : ‘‘शिक्षक पर्व’’ के पहले सम्मेलन को वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से संबोधित कर रहे प्रधानमंत्री ने नयी राष्ट्रीय शिक्षा नीति को ‘‘भविष्य की नीति’’ बताया और इसे नये स्तर तक ले जाने के लिए जनभागीदारी का आह्वान किया.
नई दिल्लीः Inauguration of the First Teacher Festival : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को सांकेतिक भाषा शब्दकोष, टॉकिंग बुक्स, निष्ठा शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम और विद्यांजलि पोर्टल जैसी, शिक्षा क्षेत्र में नयी पहलों की शुरुआत की तथा कहा कि यह योजनाएं भविष्य के भारत को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी. ‘‘शिक्षक पर्व’’ के पहले सम्मेलन को वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से संबोधित कर रहे प्रधानमंत्री ने नयी राष्ट्रीय शिक्षा नीति को ‘‘भविष्य की नीति’’ बताया और इसे नये स्तर तक ले जाने के लिए जनभागीदारी का आह्वान किया. PM Modi lauds teachers for dealing with challenges in education system amid COVID pandemic PM Narendra Modi launches multiple key initiatives in the education sector during the inaugural conclave of Shiksak Parv via video conferencing कार्यक्रम के दौरान शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और शिक्षा राज्यमंत्री अन्नपूर्णा देवी, राजकुमार रंजन सिंह और सुभाष सरकार भी उपस्थित थे. — ANI (@ANI)
Indian France Rafale deal: फ्रांस से खरीदे जाने वाले 114 राफेल की मंजूरी डिफेंस प्रोक्योरमेंट बोर्ड से मिल गई है. जिससे यह डील अंतिम चरण में पहुंच गई है. इसके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली DAC की बैठक में डील पर चर्चा के बाद मुहर लगाई जाएगी. अंतिम हस्तारक्षर इस डील पर पीएम मोदी करेंगे.

India Nuclear Powered Submarine: साल 2040 तक भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा न्यूक्लियर पावर्ड पनडुब्बी ऑपरेटर बन सकता है. इस दौरान भारत ब्रिटेन को पीछे छोड़ देगा. अमेरिका, रूस और चीन के बाद चौथा देश बन जाएगा. दुनिया में सबसे ज्यादा न्यूक्लियर सबमरीन अमेरिका के पास हैं. इनकी संख्या 60 से 70 के बीच है.

DRDO hypersonic missile: भारतीय नौसेना एक बेहद लंबी दूरी वाली, हवा से लॉन्च होने वाली 'एंटी-शिप बैलिस्टिक' मिसाइल हासिल करने की योजना बना रही है. यह मिसाइल 1,000 किलोमीटर तक मार करने में सक्षम होगी. इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि हमारे लड़ाकू विमान दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम की रेंज में आए बिना ही उनके जहाजों को समंदर की गहराइयों में भेज सकेंगे.










