
परेशान न हों 31 मार्च को भी खुले रहेंगे बैंक, RBI ने दिए खास निर्देश
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सीटीएस व्यवस्था के तहत चेक को निपटान के लिये भौतिक रूप से प्रस्तुत करने की जरूरत नहीं पड़ती. इसकी जगह समाशोधन गृह के जरिये भुगतान करने वाली शाखा को अन्य जरूरी आंकड़े के साथ इलेक्ट्रॉनिक रूप से इसकी तस्वीर भेजी जाती है. इससे समय की बचत होती है और चेक के समाशोधन और संग्रहण में लगने वाला समय बचता है.
मुंबई: बैंक सरकारी खातों के सलाना लेन-देन को पूरा करने के लिये चालू वित्त वर्ष के अंतिम दिन 31 मार्च को विशेष समाशोधन व्यवस्था करेंगे. भारतीय रिजर्व बैंक ने बैंकों के लिये सुचारू समाशोधन परिचालन को लेकर निर्देश जारी किया है और उन्हें अनिवार्य रूप से इसमें शामिल होने को कहा है. केंद्र और राज्य सरकारों के सालाना खाता बंदी से जुड़े लेन-देन के संदर्भ में 2020-21 के लिये विशेष उपाय किये गये हैं. आरबीआई ने सभी सदस्य बैंकों से समाशोधन निपटान खातों में पर्याप्त राशि रखने को कहा है. केंद्रीय बैंक ने सदस्य बैंकों, शहरी और राज्य सहकारी बैंकों, भुगतान बैंकों, लघु वित्त बैंक के साथ एनपीसीआई (नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया) को जारी एक अधिसूचना में कहा कि समाशोधन को लेकर आमतौर पर बुधवार को जो समयसीमा रहती है, वह 31 मार्च, 2020 को भी रहेगी. आरबीआई ने कहा कि चालू वित्त वर्ष के लिये 31 मार्च, 2021 तक सभी सरकारी लेन-देन को सुगम बनाने को लेकर, विशेष समाशोधन व्यवस्था का निर्णय किया गया है. यह व्यवस्था विशेष रूप से तीनों सीटीएस (चेक ट्रन्केशन सिस्टम) ग्रिड पर सरकारी चेक के लिये होगी. इस व्यवस्था के तहत तीन सीटीएस ग्रिड...नयी दिल्ली, चेन्नई और मुंबई...में प्रस्तुति समाशोधन शाम 5 बजे से 5.30 बजे और वापसी समाशोधन शाम 7 बजे से 7.30 बजे होगा.
Indian France Rafale deal: फ्रांस से खरीदे जाने वाले 114 राफेल की मंजूरी डिफेंस प्रोक्योरमेंट बोर्ड से मिल गई है. जिससे यह डील अंतिम चरण में पहुंच गई है. इसके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली DAC की बैठक में डील पर चर्चा के बाद मुहर लगाई जाएगी. अंतिम हस्तारक्षर इस डील पर पीएम मोदी करेंगे.

India Nuclear Powered Submarine: साल 2040 तक भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा न्यूक्लियर पावर्ड पनडुब्बी ऑपरेटर बन सकता है. इस दौरान भारत ब्रिटेन को पीछे छोड़ देगा. अमेरिका, रूस और चीन के बाद चौथा देश बन जाएगा. दुनिया में सबसे ज्यादा न्यूक्लियर सबमरीन अमेरिका के पास हैं. इनकी संख्या 60 से 70 के बीच है.

DRDO hypersonic missile: भारतीय नौसेना एक बेहद लंबी दूरी वाली, हवा से लॉन्च होने वाली 'एंटी-शिप बैलिस्टिक' मिसाइल हासिल करने की योजना बना रही है. यह मिसाइल 1,000 किलोमीटर तक मार करने में सक्षम होगी. इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि हमारे लड़ाकू विमान दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम की रेंज में आए बिना ही उनके जहाजों को समंदर की गहराइयों में भेज सकेंगे.

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