
पराई भूमि पर नजर: दुनिया से छिपकर Bhutan की सीमा में China ने बसाए गांव, India को घेरने की है तैयारी
Zee News
रिपोर्ट में बताया गया है कि चीन का मकसद भूटान पर दबाव बनाकर भविष्य में उसे भारत के खिलाफ इस्तेमाल करना है. चीन की कम्युनिस्ट सरकार की योजना है कि यदि भारत से संघर्ष होता है, तो वह उसके मुकाबले के लिए भूटानी भूमि का इस्तेमाल करे. इसलिए वह अपनी विस्तारवादी नीति को अंजाम दे रहा है.
बीजिंग: चीन (China) अपनी विस्तारवादी आदतों से बाज नहीं आ रहा है. कोरोना (Coronavirus) महामारी के बीच भी वह पराई भूमि को अपना बनाने की कोशिशों में लगा है. बीजिंग भूटान (Bhutan) में अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है, वो ऐसे इलाके में सड़कों का नेटवर्क, सैन्य चौकियां और गांव बसा रहा है, जिसे अंतरराष्ट्रीय और ऐतिहासिक रूप से भूटान का समझा जाता है. जानकारों का मानना है कि चीन की यह हरकत एक तरह से भारत को घेरने की कोशिशों का हिस्सा है. फॉरन पॉलिसी की रिपोर्ट के अनुसार, चीन भूटान घाटी में चीन 2015 से ही इस हरकत को अंजाम दे रहा है, लेकिन अब उसकी गतिविधियां तेज हो गई हैं. बीजिंग ने 2015 में ऐलान किया था कि वह तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र के दक्षिण में ग्यालफुग (Gyalaphug) गांव बसा रहा है. हालांकि ग्यालफुग भूटान में है और इसे बसाने के लिए चीनी अधिकारियों ने अंतरराष्ट्रीय सीमा का अतिक्रमण किया है.
SU-30MKII को F-35 ने उड़ने तक नहीं दिया! बेस पर ही किया भस्म; वेनेजुएला में अमेरिका और रशिया में जंग
SU-30MKII Vs F35 in War: अमेरिका ने पहले वेनेजुएला की एयर डिफेंस तबाह की, फिर F-35B स्टेल्थ जेट से SU-30MKII को जमीन पर ही नष्ट कर दिया. आसमान साफ होते ही डेल्टा फोर्स ने कराकस में घुसकर राष्ट्रपति मादुरो को दबोच लिया, बिना फुल-स्केल युद्ध छेड़े.

US Air Force B-1B Lancer bombers: B-1B लांसर बॉम्बर्स की तैनाती प्रशांत क्षेत्र में बढ़ाने की तैयारी में है. इसका मुख्य कारण इन विमानों में Long Range Anti-Ship Missile (LRASM) का शामिल किया जाना है. इससे इन्हें दुश्मन के समुद्री बेड़े पर हमला करने की बड़ी क्षमता मिलती है. अमेरिका B-1B बॉम्बर्स को चीन के तेजी से बढ़ते सतह युद्धपोत बेड़े के मुकाबले एक असमान रणनीतिक हथियार के तौर पर देख रहा है.

F-15 Eagle fighter jet: आवाज की रफ्तार से भी तेज और मौत की तरह सटीक, यह एक ऐसे लड़ाकू विमान की कहानी है जिसने आज तक हार का स्वाद नहीं चखा. जब यह आसमान में निकलता है, तो दुश्मन के रडार कांपने लगते हैं और उसके पायलटों के पास केवल भागने का रास्ता बचता है. साल 2025 तक के इतिहास में इस विमान ने 100 से ज्यादा हवाई मुकाबले किए हैं और हर बार यह विजेता बनकर ही लौटा है.



