
पत्नी के निधन की खबर आई फिर भी कोर्ट में पूरी की बहस, भावुक कर देगी पहले गृह मंत्री की ये कहानी
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गुजरात (Gujarat) के नाडियाड में जन्मे सरदार वल्लभभाई पटेल (Sardar Patel) को आजाद भारत का शिल्पकार कहा जाता है. 565 रियासतों का विलय करके उन्होंने अखंड भारत का निर्माण किया. उनका जीवन देश और समाज के नाम समर्पित रहा इसी वजह से उन्हें 'सरदार' और 'लौह पुरुष' जैसी उपाधियां मिलीं.
नई दिल्ली: देश के पहले गृह मंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल (Sardar Patel) पटेल के बारे में कहा जाता है कि उनके ऐसे नेता और कुशल प्रशासक बेहद कम होते हैं. पटेल की तुलना जर्मनी की एकता के सूत्रधार बिस्मार्क से की जाती है. इतिहास गवाह है कि बिस्मार्क ने कभी मूल्यों से समझौता किया और ना ही सरदार पटेल ने. आजादी के दौरान 562 रियासतें थीं, पटेल ने सभी को एकता के धागे में पिरोया और वो कर दिखाया जिसके बारे में कल्पना करना भी आसान नहीं था. सरदार पटेल का जन्म 31 अक्टूबर, 1875 को गुजरात में हुआ. पिता झावेर भाई और माता का नाम लाडबा पटेल की चौथी संतान वल्लभ भाई बेहद होशियार थे. पढ़ाई लिखाई में उनकी बचपन से बहुत रुचि थी. लॉ की डिग्री हासिल करने के बाद वो वकालत करने लगे. साल 1917 के आखिरी महीनों में गुजरात अकाल की समस्या से जूझ रहा था. तभी नवंबर में सरदार पटेल की महात्मा गांधी से मुलाकात हुई. अन्य लोगों की तरह महात्मा गांधी भी उनकी प्रशासकीय क्षमता से प्रभावित हुए.
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