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न्यूक्लियर vs डीजल सबमरीन की अंडर वाटर जंग! जानें कौन है समंदर का असली ‘महाबली’? एक वॉर में बर्बाद हो जाएगा शहर
Zee News
Nuclear submarines vs diesel submarines: दुनिया भर की नेवी में न्यूक्लियर सबमरीन की चर्चा सबसे अधिक होती है. क्योंकि समंदर का यह एक ऐसा हथियार है, जो एक वॉर में किसी देश की कमर तोड़ सकता है, लेकिन ऐसे कई देश हैं जो न्यूक्लियर सबमरीन का मुकाबला डीजल सबमरीन से कर रहे हैं. ऐसे में जानिए डीजल बनाम न्यूक्लियर सबमरीन में कौन ज्यादा ताकतवर है.
Nuclear submarines vs diesel submarines: मॉडर्न वॉरफेयर में ड्रोन, हाइपरसोनिक मिसाइल और 5वीं पीढ़ी के फाइटर एयरक्राफ्ट का जमाना चल रहा है. ऐसा कहा जाता है कि जिस देश की एयरफोर्स ताकतवर है, उससे कोई भी देश पंगा नहीं लेना चाहता है. इसके बावजूद भी अगर कोई देश दुनिया की महाशक्ति होने का खम ठोकता है तो उसे जल, थल और वायु तीनों क्षेत्रों में दबदबा बनाना होगा. क्योंकि फुल स्केल वॉर में कोई भी देश तभी टिक सकता है, जब एयरफोर्स के साथ उनकी नेवी भी उतनी ही ताकतवर हो.

Tejas-MK2 Rollout: राफेल डील के बीच इंडियन एयरफोर्स के लिए बड़ी खुशखबरी है. HAL-DRDO ने कमाल का काम करते हुए तेजस मार्क-2 को उड़ान के लिए तैयार कर दिया है. इसका इंटरनल रोलआउट पूरा हो चुका है. अब स्वदेशी मिडियम वेट फाइटर जेट ट्रायल फेज में एंट्री कर गया है. इसके बाद कुछ मंजूरियों के बाद फाइनल रोलआउट होगा, जो सार्वजनिक तौर पर किया जाएगा.

Project Kusha Air Defence System: प्रोजेक्ट कुशा पूरी तरह 'मेड इन इंडिया' होगा, जिससे युद्ध के समय हमें किसी और देश के भरोसे नहीं रहना पड़ेगा. साथ ही, रूस या अमेरिका जैसे देशों को अरबों डॉलर नहीं देने पड़ेंगे. वहीं, इसमें ऐसी तकनीकें जोड़ी जा रही हैं जो आने वाले दशकों तक दुश्मन के किसी भी नए विमान को मार गिराने में सक्षम होंगी.

Astra MK-1 Missile Upgrade: DRDO इस अपग्रेड में मिसाइल के प्रोपल्शन सिस्टम, फ्लाइट प्रोफाइल और एनर्जी मैनेजमेंट को बेहतर बनाएगा. इसके साथ ही गाइडेंस सिस्टम में भी सुधार किया जाएगा. लंबी दूरी तक मिसाइल की रफ्तार और maneuverability बनी रहे. यह अपग्रेड मिसाइल के मूल डिजाइन में बड़े बदलाव के बिना किया जाएगा.

Fateh Ghadir Class Submarines: ईरान लंबे समय से अमेरिका की नौसैनिक ताकत का मुकाबला असममित रणनीति के जरिए करता रहा है. पनडुब्बियों की तैनाती इसी रणनीति का हिस्सा है. जिसके तहत ईरान सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े नौसैनिक बलों पर दबाव बना सकता है. ईरानी नौसेना के मुताबिक उनकी पनडुब्बियां अमेरिकी नौसैनिक गतिविधियों पर चेतावनी देने में सक्षम हैं.

C-130J Super Hercules: भारत सरकार जल्द ही MTA प्रोग्राम के लिए Request for Proposal (RFP) जारी करने की तैयारी में है. बढ़ी हुई रेंज वाला C-130J भारत की अलग-अलग जरूरतों के लिए अधिक उपयोगी माना जा रहा है. इसमें लंबी दूरी की लॉजिस्टिक्स सपोर्ट, स्पेशल फोर्स ऑपरेशन, आपदा राहत मिशन और छोटे रनवे से ऑपरेशन शामिल हैं. अधिक रेंज होने से विमान बिना बार-बार ईंधन भरे बड़े इलाके को कवर कर सकेगा.








