
नौकरी छोड़ कर शुरू की किसानी, अब इस तहर कमाते हैं सालाना 16 लाख
Zee News
तेलंगाना (Telangana) के करीमनगर (Karimnagar) के रहने वाले मल्लिकार्जुन रेड्डी ( Malik Arjun Reddy) हैदराबाद में सॉफ्टवेयर की नौकरी कर रहे थे, लेकिन उन्होंने एक दिन वह नौकरी छोड़ दी और खती-किसानी की शुरुआत की.
हैदराबाद: आज कल आपको बहुत सारे ऐसे लोग मिल जाएंगे जो शहरों की रौनक दुनिया को छोड़ कर गांवों की तरफ लौट रहे हैं और अपने परिवार के साथ ज़िंदगी के पल गुज़ारना चाहते हैं और उन्हें एक अच्छा और स्वस्थ जिंदगी फराहम करना चाहते हैं. हम आज आपको ऐसे एक नौजवान की कहानी बताने जा रहे हैं, जिन्होंने आईटी क्षेत्र की नौकरी छोड़ कर खेती-किसानी से नाता जोड़ लिया और इसमें काम्याबी हासिल की. ल्लिकार्जुन रेड्डी को 'अभिनव किसान पुरस्कार' भी मिल चुका है करीमनगर (Karimnagar) के एक गांव पेद्दा कुरमापल्ली (Peddakurmapally) रहने वाले मल्लिकार्जुन रेड्डी ने 2014 में नौकरी छोड़ दी और गावं लोट कर खेती किसासी शुरु की. अब मल्लिकार्जुन रेड्डी 2014 से जैविक तरीके से खेती कर रहे हैं और अपने परिवार को स्वस्थ खाना खिला रहे हैं. मल्लिकार्जुन रेड्डी को खेती किसानी के लिए 'अभिनव किसान पुरस्कार' भी मिल चुका है.
Line Replaceable Units: RVAS ने भारत के स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है. कंपनी अब तेजस Mk-2 के लिए एक महत्वपूर्ण Line Replaceable Unit के विकास में भागीदार बन गई है. तेजस Mk-2 को भारतीय वायुसेना के भविष्य के बेड़े की रीढ़ माना जा रहा है. तेजस Mk-2 एक मीडियम-वेट, सिंगल इंजन, मल्टी-रोल फाइटर जेट होगा. इसमें नया एयरफ्रेम, ज्यादा ताकतवर इंजन, आधुनिक एवियोनिक्स, स्वदेशी AESA रडार और ज्यादा हथियार ले जाने की क्षमता होगी.

Pakistani Leader Chief Guest in 1955 republic day: यह किस्सा है साल 1955 का. उस समय भारत ने पाकिस्तान के तत्कालीन गवर्नर जनरल मलिक गुलाम मोहम्मद को गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया था. उस दौर में भारत अपनी लोकतांत्रिक संस्थाओं और परंपराओं को आकार दे रहा था. मलिक गुलाम मोहम्मद का भारत से पुराना जुड़ाव भी रहा था. उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की थी.

Indian France Rafale deal: फ्रांस से खरीदे जाने वाले 114 राफेल की मंजूरी डिफेंस प्रोक्योरमेंट बोर्ड से मिल गई है. जिससे यह डील अंतिम चरण में पहुंच गई है. इसके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली DAC की बैठक में डील पर चर्चा के बाद मुहर लगाई जाएगी. अंतिम हस्तारक्षर इस डील पर पीएम मोदी करेंगे.










