
नेहरु प्लेस मार्केट के व्यापारियों पर 'दोहरी मार', लॉकडाउन ने कमर तोड़ी अब सौंदर्यीकरण का काम बढ़ा रहा मुश्किलें
NDTV India
नेहरु प्लेस एरिया में सात हजार से ज्यादा दुकानें है जहां आईटी और टेक्सटाइल का व्यापार देश और विदेश में होता है. एक अनुमान के मुताबिक, इस बाजार में रोजाना करीब तीन लाख से ज्यादा लोग आते हैं लेकिन अब बिल्डिंग की बेसमेंट में पानी भरने से इमारतें लगातार खराब हो रही हैं.
Delhi: दिल्ली ही नहीं, देश की सबसे बड़ी कंप्यूटर हार्डवेयर मार्केट नेहरु प्लेस की पहले कोरोना के लॉकडाउन ने कमर तोड़ी. अब डीडीए के सौंदर्यीकरण के काम ने इसे बदहाली के कगार पर पहुंचा दिया है. तीन साल पहले शुरू हुए 100 करोड़ के डेवलेपमेंट काम की सुस्त रफ्तार को लेकर व्यापारियों में खासी नाराजगी है और काम की 'कछुआचाल' से उनके कारोबार को नुकसान हो रहा है. हालत यह है कि नेहरु प्लेस में जगह-जगह 'वर्क इन प्रोग्रेस' का बोर्ड आपको लगा हुआ मिल जाएगा. खुदे पड़े फर्श, चारों तरफ बिखरा सामान और जगह-जगह कूड़े का ढेर...देश की सबसे बड़ी आईटी मार्केट नेहरु प्लेस की हकीकत इस समय यही है. इस साल मार्च में नेहरु प्लेस को चमकाने का वादा था लेकिन डीडीए के काम की सुस्त रफ्तार से व्यापाारी परेशान हैं.











