
धर्म परिवर्तन: मुस्लिम परिवार की 7 बहनों समेत 9 ने अपनाया हिंदू धर्म, 150 साल पुरानी है वजह
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बघरा में स्थित योग साधना यशवीर आश्रम में महंत स्वामी यशवीर जी महाराज के सानिध्य में ये धर्म परिवर्तन हुआ है. महंत यशवीर जी महाराज ने कहा कि केन्द्र और प्रदेश में पूर्व की सरकारों के कार्यकाल में हिंदुओ का उत्पीड़न कर उन्हें डराकर मुस्लिम बनाया जाता था.
मुजफ्फरनगर: यूपी के मुजफ्फरनगर जिले में सहारनपुर जिले के एक मुस्लिम परिवार के नौ सदस्यों ने हिंदू धर्म को अपना लिया. धर्म परिवर्तन करने वालों में 7 बहनें और 2 भाई हैं. यानी कुल 9 लोगों ने धर्म परिवर्तन किया है. बघरा में स्थित योग साधना यशवीर आश्रम में महंत स्वामी यशवीर जी महाराज के सानिध्य में ये धर्म परिवर्तन हुआ है.
सभी ने बदला नाम हिंदू धर्म अपनाने वाले सभी लोगों के नाम भी बदल दिए गए. अनीशा को अनन्या सैनी, राबिया को पल्लवी सैनी, नाजिया को नीतू सैनी, वरीशा को मनीषा सैनी, गुलिस्ता को रवीना सैनी, रुखसाना को बबिता सैनी, सानिया को निशा सैनी, मो.वादिल को विवेक सैनी व आकिल को रोहित सैनी नाम दिया गया है.

Ice Breaker missile: भारतीय नौसेना अब अपने बेड़े को और भी ज्यादा खतरनाक बनाने के लिए एक ऐसे मिसाइल सिस्टम पर विचार कर रही है, जो समंदर के बीचों-बीच दुश्मन के होश उड़ा देगा. खबर आ रही है कि भारतीय नौसेना अपने MH-60R सीहॉक हेलीकॉप्टरों को इजरायल की आधुनिक 'आइस ब्रेकर' मिसाइल से लैस करने की योजना बना रही है. खास बात यह है कि भारतीय वायुसेना पहले ही इस मिसाइल को अपनी ताकत में शामिल करने की मंजूरी दे चुकी है.

Line Replaceable Units: RVAS ने भारत के स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है. कंपनी अब तेजस Mk-2 के लिए एक महत्वपूर्ण Line Replaceable Unit के विकास में भागीदार बन गई है. तेजस Mk-2 को भारतीय वायुसेना के भविष्य के बेड़े की रीढ़ माना जा रहा है. तेजस Mk-2 एक मीडियम-वेट, सिंगल इंजन, मल्टी-रोल फाइटर जेट होगा. इसमें नया एयरफ्रेम, ज्यादा ताकतवर इंजन, आधुनिक एवियोनिक्स, स्वदेशी AESA रडार और ज्यादा हथियार ले जाने की क्षमता होगी.

Pakistani Leader Chief Guest in 1955 republic day: यह किस्सा है साल 1955 का. उस समय भारत ने पाकिस्तान के तत्कालीन गवर्नर जनरल मलिक गुलाम मोहम्मद को गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया था. उस दौर में भारत अपनी लोकतांत्रिक संस्थाओं और परंपराओं को आकार दे रहा था. मलिक गुलाम मोहम्मद का भारत से पुराना जुड़ाव भी रहा था. उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की थी.










