
देह व्यापार के दलदल से निकलकर, ऐसे हुई नई जिंदगी की शुरुआत
Zee News
गंदगी से निकलकर जब कुछ बेहतर करके जीवन यापन करते हैं तो रूह को सुकून मिलती है. ऐसे ही देह व्यापार का धंधा पीछे छोड़ कर मास्क और अन्य चीजों के सहारे नई जिंदगी से कुछ लोग खुश हैं.
नई दिल्ली: वो कहते हैं न 'साहब पापी पेट का सवाल है.' भूख मिटाने और जिंदगी गुजारने के लिए मजबूरी में लोग कुछ भी कर सकते हैं. जब मजबूरी के दलदल से मुक्ति मिलती है, तो अलग सुकून मिलता है. ऐसी ही कहानी देश की राजधानी दिल्ली से सामने आई है. राष्ट्रीय राजधानी स्थित एक गैर सरकारी संगठन के माध्यम से देह व्यापार का धंधा पीछे छोड़ कर अपनी चार साल की बेटी के साथ नई जिंदगी शुरू करने वाली एक युवती का कहना है कि वह अब बहुत अच्छा महसूस कर रही हूं और पहले की जिंदगी को भूल जाना चाहती है.More Related News
