
दिशा रवि की गिरफ्तारी से सोशल मीडिया पर भड़का आक्रोश...
NDTV India
एसकेएम नेता दर्शन पाल की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है, ‘‘सरकार ने संसद में बेशर्मी से स्वीकार किया कि उसके पास उन किसानों का कोई आंकड़ा नहीं है, जिन्होंने जारी आंदोलन में अपनी जान कुर्बान की.’’ उन्होंने कहा, ‘‘एसकेएम ने एक ब्लॉग साइट बनायी है जहां सरकार चाहे तो ऐसा डेटा आसानी से उपलब्ध है. यह वही निष्ठुरता है जिसके परिणामस्वरूप अब तक लोगों की जान गई है.’’ संयुक्त मोर्चा की तरफ से कहा गया है कि हम दिशा की गिरफ्तारी की निंदा करते हैं. वो किसानों के समर्थन में खड़ी थीं. हम उनकी तत्काल बिना शर्त रिहाई की मांग करते हैं. इसके अलावा रविवार को दिनभर दिशा की गिरफ्तारी को लेकर सोशल मीडिया पर ट्रेंडिंग देखा गया. सोशल मीडिया पर कई अन्य राजनेताओं से लेकर कार्यकर्ताओं, पत्रकारों, लेखकों और कवियों ने उनकी गिरफ्तारी की आलोचना की.
बेंगलुरु की 22 वर्षीय जलवायु कार्यकर्ता दिशा रवि की गिरफ्तारी से रविवार को सोशल मीडिया पर काफी आक्रोश देखने को मिला. ट्वीटर पर दिशा रवि की गिरफ्तारी को लेकर राजनेताओं, शिक्षकों, कार्यकर्ताओं, लेखकों और कवियों ने भी कड़ी आलोचना की. कांग्रेस पार्टी के पूर्व मंत्री जयराम रमेश ने ट्वीट करते हुए लिखा, "पूरी तरह से अत्याचार है! ये अनुचित उत्पीड़न और धमकी है. मैं दिशा रवि के साथ अपनी एकजुटता व्यक्त करता हूं." इसके अलावा कांग्रेस के अन्य नेताओं और विपक्षी दलों के लोगों ने भी दिशा रवि की गिरफ्तारी को गलत बताया और इसकी खूब निंदा की. समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने कहा, “सवाल ये है कि वो कब गिरफ्तार होंगे जो भारत की राष्ट्रीय एवं सामाजिक एकता को खंडित करने के लिए सुबह-शाम जनता के बीच घृणा व विभाजन को जन्म देने के लिए शाब्दिक ‘टूलकिट' जारी करते रहते हैं. भाजपा सरकार बताए कि शिकायत करने पर भी वो इन ‘टूलकिटजीवियों' पर कार्रवाई क्यों नहीं करती?”












