
दिल्ली दंगाः कोर्ट में आरोपी ने कहा, "अगर ‘सलाम’ कहना गैरकानूनी है तो मैं नहीं कहूंगा’’
Zee News
कोर्ट में सुनवाई के दौरान सैफी की ये टिप्पणियां तब आई है जब कुछ दिन पहले पुलिस ने आरोपी जेएनयू छात्र शरजील इमाम के एक भाषण की शुरुआत ‘‘अस-सलाम अलैकुम’’ से करने पर आपत्ति दर्ज की थी.
नई दिल्लीः ‘‘अस-सलाम अलैकुम’’ अभिवादन पर दिल्ली पुलिस की टिप्पणियों की जानिब इशारा करते हुए दिल्ली दंगों की साजिश मामले के आरोपी और कार्यकर्ता खालिद सैफी ने शुक्रवार को कहा कि अगर यह गैरकानूनी है तो वह यह कहना बंद कर देंगे. सैफी की ये टिप्पणियां तब आई है जब कुछ दिन पहले पुलिस ने कहा था कि मामले में आरोपी जेएनयू छात्र शरजील इमाम ने अपने कथित उकसावे वाले भाषणों में से एक की शुरुआत ‘‘अस-सलाम अलैकुम’’ के साथ की थी जो दिखाता है कि यह एक खास समुदाय को खिताब किया गया है न कि व्यापक जनता को. यह कोई कानून है या अभियोजन पक्ष की धारणा सैफी ने अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमिताभ रावत से पूछा, ‘‘मैं हमेशा अपने दोस्तों का सलाम के साथ अभिवादन करता हूं. मुझे लगता है कि अगर यह गैरकानूनी है तो मैं इसे कहना बंद कर दूंगा. यह कोई कानून है या अभियोजन पक्ष की धारणा है?’’ उनके इस सवाल पर न्यायाधीश रावत ने स्पष्ट किया कि यह अभियोजन पक्ष की दलील है न कि अदालत का बयान है. अदालत में सुनवाई वीडियो कांफ्रेंस के जरिए हुई.More Related News
