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तेजस Mk2-AMCA का 'कावेरी' जेट इंजन तैयार? GTRE ने तेज किया टेस्टिंग का काम, इस तारीख को D2-D3 एंड्यूरेंस का ट्रायल
Zee News
Kaveri jet engine D2 D3 trials: D2 और D3 ट्रायल इंजन की कई ऑपरेशनल स्थितियों और लंबी अवधि की विश्वसनीयता को जांचेंगे. इन चरणों को सफलतापूर्वक पार करने के बाद, GTRE इंजन को D4 और D5 क्वालिफिकेशन ट्रायलों के लिए तैयार करेगा. D4/D5 क्वालिफिकेशन का सीधा मतलब है कि इंजन फ्लाइट में इस्तेमाल के लिए सुरक्षित और प्रमाणित हो गया है.
Kaveri jet engine D2 D3 trials: कावेरी इंजन पिछले कई दशकों में कई तकनीकी चुनौतियों का सामना किया है. हालांकि अब तगड़ा डेवलपमेंट हुआ है. जिसमें GTRE प्रोजेक्ट का फाइनल स्टेप में पहुंचाने के लिए पूरी ताकत लगा रहा है. एंड्यूरेंस ट्रायल एक जेट इंजन की विश्वसनीयता और जीवनकाल को परखने का सबसे महत्वपूर्ण स्टेप होता है. इन ट्रायलों में इंजन को लंबे समय तक, कठोर परिस्थितियों में जमीन पर चलाया जाता है ताकि उसकी मजबूती और स्थिरता सुनिश्चित हो सके.

Indian Air Force refuelling aircraft: भारत के पास अभी सिर्फ 6 पुराने Il-78MKI विमान हैं जो 2003-2004 में उज्बेकिस्तान से लिए गए थे. पुर्जों की कमी की वजह से इनमें से आधे से ज्यादा विमान अक्सर मरम्मत के लिए खड़े रहते हैं. पिछले साल भारत ने अमेरिका की एक कंपनी से एक टैंकर विमान लीज पर लिया था, लेकिन उसके साथ अमेरिकी क्रू आता है, जो युद्ध के समय भारत के काम नहीं आ सकेगा. ऐसे में ये नए विमान नई ताकत बनेंगे.

Tejas-MK2 Rollout: राफेल डील के बीच इंडियन एयरफोर्स के लिए बड़ी खुशखबरी है. HAL-DRDO ने कमाल का काम करते हुए तेजस मार्क-2 को उड़ान के लिए तैयार कर दिया है. इसका इंटरनल रोलआउट पूरा हो चुका है. अब स्वदेशी मिडियम वेट फाइटर जेट ट्रायल फेज में एंट्री कर गया है. इसके बाद कुछ मंजूरियों के बाद फाइनल रोलआउट होगा, जो सार्वजनिक तौर पर किया जाएगा.

Project Kusha Air Defence System: प्रोजेक्ट कुशा पूरी तरह 'मेड इन इंडिया' होगा, जिससे युद्ध के समय हमें किसी और देश के भरोसे नहीं रहना पड़ेगा. साथ ही, रूस या अमेरिका जैसे देशों को अरबों डॉलर नहीं देने पड़ेंगे. वहीं, इसमें ऐसी तकनीकें जोड़ी जा रही हैं जो आने वाले दशकों तक दुश्मन के किसी भी नए विमान को मार गिराने में सक्षम होंगी.

Astra MK-1 Missile Upgrade: DRDO इस अपग्रेड में मिसाइल के प्रोपल्शन सिस्टम, फ्लाइट प्रोफाइल और एनर्जी मैनेजमेंट को बेहतर बनाएगा. इसके साथ ही गाइडेंस सिस्टम में भी सुधार किया जाएगा. लंबी दूरी तक मिसाइल की रफ्तार और maneuverability बनी रहे. यह अपग्रेड मिसाइल के मूल डिजाइन में बड़े बदलाव के बिना किया जाएगा.

Fateh Ghadir Class Submarines: ईरान लंबे समय से अमेरिका की नौसैनिक ताकत का मुकाबला असममित रणनीति के जरिए करता रहा है. पनडुब्बियों की तैनाती इसी रणनीति का हिस्सा है. जिसके तहत ईरान सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े नौसैनिक बलों पर दबाव बना सकता है. ईरानी नौसेना के मुताबिक उनकी पनडुब्बियां अमेरिकी नौसैनिक गतिविधियों पर चेतावनी देने में सक्षम हैं.








