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तेजस बन गया आसमान का घातक शिकारी! इन हथियारों से लाएगा दुश्मनों की मौत का तूफान; भारत का फाइटर जेट हो गया है मल्टीरोल हंटर
Zee News
Tejas fighter jet weapons: भारत लगातार अपनी सैन्य शक्तियों को मजबूत कर रहा है. देश अब विदेशों के ऊपर निर्भर रहने की जगह पर खुद से हथियारों और फाइटर जेट्स का निर्माण कर रहा है. भारत का स्वदेशी फाइटर जेट HAL तेजस अब एक मल्टी रोल लड़ाकू विमान के रूप में तैयार चुका है. क्या आप जानते हैं कि तेजस फाइटर जेट कौनसे हथियार लेकर उड़ान भर सकता है?
Tejas fighter jet weapons: भारत ने स्वदेशी तरीके से तेजस फाइटर जेट को बनाया है. तेजस फाइटर जेट एयर डिफेंस, स्ट्राइक और मैरीटाइम मिशन तीनों को काफी मजबूती से अंजाम देने में सक्षम है. इस फाइटर जेट में 9 हाईपॉइंट्स दिए गए हैं. जिन पर कई तरह के मिसाइल, बम, रॉकेट और प्रिसिशन गाइडेड हथियार लगाए जा सकते हैं. HAL के मुताबिक यह फाइटर जेट BVR और WVR दोनों तरह की मिसाइलें ले जाने में सक्षम है. इस रिपोर्ट में हम आपको बताएंगे कि यह विमान कौनसे हथियारों को साथ में लेकर उड़ान भर सकता है. : देश-दुनिया, बॉलीवुड, बिज़नेस, ज्योतिष, धर्म-कर्म, खेल और गैजेट्स की दुनिया की सभी खबरें अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें .

Indian Air Force refuelling aircraft: भारत के पास अभी सिर्फ 6 पुराने Il-78MKI विमान हैं जो 2003-2004 में उज्बेकिस्तान से लिए गए थे. पुर्जों की कमी की वजह से इनमें से आधे से ज्यादा विमान अक्सर मरम्मत के लिए खड़े रहते हैं. पिछले साल भारत ने अमेरिका की एक कंपनी से एक टैंकर विमान लीज पर लिया था, लेकिन उसके साथ अमेरिकी क्रू आता है, जो युद्ध के समय भारत के काम नहीं आ सकेगा. ऐसे में ये नए विमान नई ताकत बनेंगे.

Tejas-MK2 Rollout: राफेल डील के बीच इंडियन एयरफोर्स के लिए बड़ी खुशखबरी है. HAL-DRDO ने कमाल का काम करते हुए तेजस मार्क-2 को उड़ान के लिए तैयार कर दिया है. इसका इंटरनल रोलआउट पूरा हो चुका है. अब स्वदेशी मिडियम वेट फाइटर जेट ट्रायल फेज में एंट्री कर गया है. इसके बाद कुछ मंजूरियों के बाद फाइनल रोलआउट होगा, जो सार्वजनिक तौर पर किया जाएगा.

Project Kusha Air Defence System: प्रोजेक्ट कुशा पूरी तरह 'मेड इन इंडिया' होगा, जिससे युद्ध के समय हमें किसी और देश के भरोसे नहीं रहना पड़ेगा. साथ ही, रूस या अमेरिका जैसे देशों को अरबों डॉलर नहीं देने पड़ेंगे. वहीं, इसमें ऐसी तकनीकें जोड़ी जा रही हैं जो आने वाले दशकों तक दुश्मन के किसी भी नए विमान को मार गिराने में सक्षम होंगी.

Astra MK-1 Missile Upgrade: DRDO इस अपग्रेड में मिसाइल के प्रोपल्शन सिस्टम, फ्लाइट प्रोफाइल और एनर्जी मैनेजमेंट को बेहतर बनाएगा. इसके साथ ही गाइडेंस सिस्टम में भी सुधार किया जाएगा. लंबी दूरी तक मिसाइल की रफ्तार और maneuverability बनी रहे. यह अपग्रेड मिसाइल के मूल डिजाइन में बड़े बदलाव के बिना किया जाएगा.

Fateh Ghadir Class Submarines: ईरान लंबे समय से अमेरिका की नौसैनिक ताकत का मुकाबला असममित रणनीति के जरिए करता रहा है. पनडुब्बियों की तैनाती इसी रणनीति का हिस्सा है. जिसके तहत ईरान सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े नौसैनिक बलों पर दबाव बना सकता है. ईरानी नौसेना के मुताबिक उनकी पनडुब्बियां अमेरिकी नौसैनिक गतिविधियों पर चेतावनी देने में सक्षम हैं.








