
तिरुवनंतपुरम में Air India एक्सप्रेस के विमान की Emergency Landing, जानिए वजह
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तिरुवनंतपुरम हवाईअड्डे के निदेशक सी वी रवींद्रन ने बताया कि पायलट समेत चालक दल के सभी सदस्य सुरक्षित हैं. उन्होंने कहा कि अगर उड़ान से पहले जांच में दरार का पता चला होता तो विमान ने उड़ान नहीं भरी होती यानी साफ है कि ये दरार उड़ान के दौरान ही आयी होगी.
तिरुवनंतपुरम: सऊदी अरब (Saudi Arabia) के लिए उड़ान भरने वाले एअर इंडिया एक्सप्रेस (Air India) के एक विमान के शीशे में दरार का पता चलने पर उसे शनिवार को आपात स्थिति में तिरुवनंतपुरम (Thiruvananthapuram) हवाई अड्डे पर उतरना पड़ा. हवाईअड्डे के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि सुबह सात बजकर 52 मिनट पर उड़ान भरने के एक घंटे के भीतर ही पायलट ने शीशे में दरार देखने पर वापस तिरुवनंतपुरम लौटने का फैसला किया. इसके बाद आठ बजकर 50 मिनट पर आपात स्थिति में विमान हवाईअड्डे पर उतरा. दरअसल कोविड-19 (Covid-19) पाबंदी के कारण कुछ गंतव्यों तक अंतरराष्ट्रीय यात्रा पर पाबंदी के कारण विमान में कोई यात्री नहीं था और यह माल ढुलाई में लगा था. उन्होंने बताया कि विमान में चालक दल के आठ सदस्य थे.
Indian France Rafale deal: फ्रांस से खरीदे जाने वाले 114 राफेल की मंजूरी डिफेंस प्रोक्योरमेंट बोर्ड से मिल गई है. जिससे यह डील अंतिम चरण में पहुंच गई है. इसके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली DAC की बैठक में डील पर चर्चा के बाद मुहर लगाई जाएगी. अंतिम हस्तारक्षर इस डील पर पीएम मोदी करेंगे.

India Nuclear Powered Submarine: साल 2040 तक भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा न्यूक्लियर पावर्ड पनडुब्बी ऑपरेटर बन सकता है. इस दौरान भारत ब्रिटेन को पीछे छोड़ देगा. अमेरिका, रूस और चीन के बाद चौथा देश बन जाएगा. दुनिया में सबसे ज्यादा न्यूक्लियर सबमरीन अमेरिका के पास हैं. इनकी संख्या 60 से 70 के बीच है.

DRDO hypersonic missile: भारतीय नौसेना एक बेहद लंबी दूरी वाली, हवा से लॉन्च होने वाली 'एंटी-शिप बैलिस्टिक' मिसाइल हासिल करने की योजना बना रही है. यह मिसाइल 1,000 किलोमीटर तक मार करने में सक्षम होगी. इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि हमारे लड़ाकू विमान दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम की रेंज में आए बिना ही उनके जहाजों को समंदर की गहराइयों में भेज सकेंगे.

30MM Naval Gun Indian Navy: यह गन सिस्टम भारत फोर्ज के आर्टिलरी सेक्टर में अनुभव पर आधारित है. कंपनी पहले ही 30×173 मिमी NATO स्टैंडर्ड कैलिबर पर आधारित मॉड्यूलर टर्रेट्स विकसित कर चुकी है. इनका इस्तेमाल इंफैंट्री कॉम्बैट व्हीकल्स में होता है. यही कैलिबर समुद्री नजदीकी लड़ाई (Close-Range Engagement) के लिए भी प्रभावी माना जाता है.

Rafale deal India: इंडियन एयरफोर्स की हवाई ताकत को बड़ा बूस्टर मिलने वाला है. ANI की रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय वायुसेना को दुनिया की सबसे घातक हवाई शक्ति बनाने की दिशा में इसी हफ्ते एक बहुत बड़ा फैसला लिया जा सकता है. भारत और फ्रांस के बीच होने वाली राफेल डील अब सिर्फ 114 विमानों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह आंकड़ा 200 के पार जा सकता है.








