
तालिबान के पास सिर्फ हमले करने का अनुभव, तो फिर धमाकों को रोकने की जिम्मेदारी किसकी?
Zee News
फिलहाल काबुल एयरपोर्ट (Kabul Airport) के आस पास सुरक्षा बढ़ा दी गई है, लेकिन सवाल ये है कि जिस तालिबान के पास सिर्फ हमले करने का अनुभव है. वो खुद पर हमला होने के बाद क्या करेगा और अपने देश के लोगों की जान कैसे बचाएगा?
नई दिल्ली: दुनिया की इस समय की सबसे बड़ी खबर ये है कि अफगानिस्तान के काबुल एयरपोर्ट (Kabul Airport) के पास सीरियल बम धमाके हुए हैं. इन धमाको में 13 अमेरिकी सैनिकों समेत कुल 64 लोगों की मौत हो गई है और बड़ी संख्या में लोग घायल हैं. अमेरिका ने इस हमले में अपने भी सैनिकों के मारे जाने की पुष्टि की है. पहला धमाका काबुल एयरपोर्ट के Abbey Gate के पास हुआ. ये उन चार गेटों में से एक है, जहां से लोग एयरपोर्ट के अंदर जाते हैं, जबकि दूसरा धमाका एयरपोर्ट से करीब डेढ़ किलीमीटर दूर एक होटल के पास हुआ. ये हमला आत्मघाती हमलावरों ने किया है. इस हमले की जिम्मेदारी ISIS खुरासान ने ली है. खुरासान का मतलब उस इलाके से है, जिसके रास्ते कट्टर इस्लामिक ताकतें पूरी दुनिया में इस्लाम को स्थापित करने का सपना देखती है.
Line Replaceable Units: RVAS ने भारत के स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है. कंपनी अब तेजस Mk-2 के लिए एक महत्वपूर्ण Line Replaceable Unit के विकास में भागीदार बन गई है. तेजस Mk-2 को भारतीय वायुसेना के भविष्य के बेड़े की रीढ़ माना जा रहा है. तेजस Mk-2 एक मीडियम-वेट, सिंगल इंजन, मल्टी-रोल फाइटर जेट होगा. इसमें नया एयरफ्रेम, ज्यादा ताकतवर इंजन, आधुनिक एवियोनिक्स, स्वदेशी AESA रडार और ज्यादा हथियार ले जाने की क्षमता होगी.

Pakistani Leader Chief Guest in 1955 republic day: यह किस्सा है साल 1955 का. उस समय भारत ने पाकिस्तान के तत्कालीन गवर्नर जनरल मलिक गुलाम मोहम्मद को गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया था. उस दौर में भारत अपनी लोकतांत्रिक संस्थाओं और परंपराओं को आकार दे रहा था. मलिक गुलाम मोहम्मद का भारत से पुराना जुड़ाव भी रहा था. उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की थी.

Indian France Rafale deal: फ्रांस से खरीदे जाने वाले 114 राफेल की मंजूरी डिफेंस प्रोक्योरमेंट बोर्ड से मिल गई है. जिससे यह डील अंतिम चरण में पहुंच गई है. इसके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली DAC की बैठक में डील पर चर्चा के बाद मुहर लगाई जाएगी. अंतिम हस्तारक्षर इस डील पर पीएम मोदी करेंगे.










