
टीनेजर्स के लिये घातक है सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Instagram, जानें क्यों हो रही है चर्चा
Zee News
Teenagers effected with this social media app: फेसबुक ने रिसर्च के नतीजों को दुनिया के सामने आने से रोक दिया था, ताकि कारोबार प्रभावित न हो. लेकिन वॉल स्ट्रीट जर्नल की हालिया रिपोर्ट ने वो रिपोर्ट सार्वजनिक कर दी है. किशोरों पर पब्लिश हुईं कई रिपोर्ट्स में यही दावे किये गये थे.
नई दिल्ली: काफी समय से कहा जा रहा है कि इंटरनेट और सोशल मीडिया (Social Media) पर ज्यादा वक्त बिताना बच्चों के लिये सही नहीं है. इस तथ्य को अब खुद दुनिया की लीडिंग सोशल मीडिया कंपनी ने स्वीकार किया है. यहां बात फेसबुक (Facebook) की जिसके अधिकारियों ने पिछले साल मार्च 2020 में एक रिसर्च किया था. इसके नतीजों में कहा गया कि टीनेजर्स के लिए इंस्टाग्राम (Instagram) सबसे ज्यादा हानिकारक है.
फेसबुक ने इन नतीजों को दुनिया के सामने आने से रोक दिया था, ताकि उनका कारोबार प्रभावित न हो. लेकिन वॉल स्ट्रीट जर्नल की हालिया रिपोर्ट ने उस रिपोर्ट की जानकारी सार्वजनिक कर दी है. दरअसल किशोरों पर अब तक पब्लिश हुईं कई अलग-अलग रिपोर्ट्स के मुताबिक यह सामने आया है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स किशोरों के लिए हानिकारक है. कोरोना कॉल से पहले भी कई रिसर्च रिपोर्ट में यह दावा किया गया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म किशोरों के लिए हानिकारक हैं.

Indian France Rafale deal: फ्रांस से खरीदे जाने वाले 114 राफेल की मंजूरी डिफेंस प्रोक्योरमेंट बोर्ड से मिल गई है. जिससे यह डील अंतिम चरण में पहुंच गई है. इसके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली DAC की बैठक में डील पर चर्चा के बाद मुहर लगाई जाएगी. अंतिम हस्तारक्षर इस डील पर पीएम मोदी करेंगे.

India Nuclear Powered Submarine: साल 2040 तक भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा न्यूक्लियर पावर्ड पनडुब्बी ऑपरेटर बन सकता है. इस दौरान भारत ब्रिटेन को पीछे छोड़ देगा. अमेरिका, रूस और चीन के बाद चौथा देश बन जाएगा. दुनिया में सबसे ज्यादा न्यूक्लियर सबमरीन अमेरिका के पास हैं. इनकी संख्या 60 से 70 के बीच है.

DRDO hypersonic missile: भारतीय नौसेना एक बेहद लंबी दूरी वाली, हवा से लॉन्च होने वाली 'एंटी-शिप बैलिस्टिक' मिसाइल हासिल करने की योजना बना रही है. यह मिसाइल 1,000 किलोमीटर तक मार करने में सक्षम होगी. इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि हमारे लड़ाकू विमान दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम की रेंज में आए बिना ही उनके जहाजों को समंदर की गहराइयों में भेज सकेंगे.

30MM Naval Gun Indian Navy: यह गन सिस्टम भारत फोर्ज के आर्टिलरी सेक्टर में अनुभव पर आधारित है. कंपनी पहले ही 30×173 मिमी NATO स्टैंडर्ड कैलिबर पर आधारित मॉड्यूलर टर्रेट्स विकसित कर चुकी है. इनका इस्तेमाल इंफैंट्री कॉम्बैट व्हीकल्स में होता है. यही कैलिबर समुद्री नजदीकी लड़ाई (Close-Range Engagement) के लिए भी प्रभावी माना जाता है.









