
जुमे की नमाज़ के बाद दिल्ली जामा मस्जिद पर प्रदर्शन, नूपुर शर्मा की गिरफ्तारी की मांग
Zee News
जामा मस्जिद के बाहर प्रदर्शनकारी भाजपा की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा की गिफ्तारी की मांग कर रहे हैं. इस दौरान नूपुर के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी हुई. इससे पहले गुरुवार को पार्लियामेंट थाने के सामने ओवैसी की पार्टी के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया था.
नई दिल्ली: दिल्ली की जामा मस्जिद में शुक्रवार की नमाज के बाद जोरदार प्रदर्शन हुआ है. प्रदर्शनकारी भाजपा की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा की गिफ्तारी की मांग कर रहे हैं. इस दौरान नूपुर शर्मा के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी हुई. इससे पहले गुरुवार को पार्लियामेंट थाने के सामने ओवैसी की पार्टी के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया था. उधर, भाजपा सांसद प्रज्ञा ठाकुर ने नूपुर शर्मा के बयान का समर्थन किया है और कहा है कि अगर सच कहना बगावत है तो हम बागी हैं.
जुम्मे की नमाज़ और प्रदर्शन के बाद नमाज़ी बाहर निकले और अपने अपने घर की तरफ चले गए हैं. सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नमाज़ियों ने कहा कि सब कुछ अच्छे से हुआ है. यहां कोई दिक्कत नहीं है और अब हम घर जा रहे हैं.

Indian France Rafale deal: फ्रांस से खरीदे जाने वाले 114 राफेल की मंजूरी डिफेंस प्रोक्योरमेंट बोर्ड से मिल गई है. जिससे यह डील अंतिम चरण में पहुंच गई है. इसके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली DAC की बैठक में डील पर चर्चा के बाद मुहर लगाई जाएगी. अंतिम हस्तारक्षर इस डील पर पीएम मोदी करेंगे.

India Nuclear Powered Submarine: साल 2040 तक भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा न्यूक्लियर पावर्ड पनडुब्बी ऑपरेटर बन सकता है. इस दौरान भारत ब्रिटेन को पीछे छोड़ देगा. अमेरिका, रूस और चीन के बाद चौथा देश बन जाएगा. दुनिया में सबसे ज्यादा न्यूक्लियर सबमरीन अमेरिका के पास हैं. इनकी संख्या 60 से 70 के बीच है.

DRDO hypersonic missile: भारतीय नौसेना एक बेहद लंबी दूरी वाली, हवा से लॉन्च होने वाली 'एंटी-शिप बैलिस्टिक' मिसाइल हासिल करने की योजना बना रही है. यह मिसाइल 1,000 किलोमीटर तक मार करने में सक्षम होगी. इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि हमारे लड़ाकू विमान दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम की रेंज में आए बिना ही उनके जहाजों को समंदर की गहराइयों में भेज सकेंगे.

30MM Naval Gun Indian Navy: यह गन सिस्टम भारत फोर्ज के आर्टिलरी सेक्टर में अनुभव पर आधारित है. कंपनी पहले ही 30×173 मिमी NATO स्टैंडर्ड कैलिबर पर आधारित मॉड्यूलर टर्रेट्स विकसित कर चुकी है. इनका इस्तेमाल इंफैंट्री कॉम्बैट व्हीकल्स में होता है. यही कैलिबर समुद्री नजदीकी लड़ाई (Close-Range Engagement) के लिए भी प्रभावी माना जाता है.









