
जिन लाशों को लेने से मना कर देते हैं परिवार, उनका सहारा बनते हैं दिल्ली के 'एम्बुलेंस मैन'
Zee News
मल्होत्रा अस्पताल से शवों को अपनी एम्बुलेंस से शमशान घाट ले जाते हैं और पूरे रीति-रिवाज के साथ अंतिम संस्कार कराते हैं.
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में कोरोना से मरने वालों की बढ़ती तादाद के बीच अस्पताल से लाशों को श्मशान घाट तक पहुंचाने के लिए एम्बुलेंस मिलना दुश्वार हो गया है. ऐसे में जिन लाशों को कोई हाथ नहीं लगा रहा है उनकी दिल्ली के 'एम्बुलेंस मैन' मदद कर रहे हैं. दिल्ली के करोल बाग निवासी चिरंजीव मल्होत्रा अब तक 1200 लाशों का अंतिम संस्कार कराने में लोगों की मदद कर चुके हैं. हालांकि उनकी बेटी अपने पिता को यह काम करने के लिए रोकती है लेकिन मल्होत्रा का मानना है कि हर कोई घर बैठ जाएगा तो लोगों की मदद कौन करेगा.More Related News
