
जानिए कौन थे स्वामी प्रभुपाद जिनकी जयंती पर पीएम मोदी ने जारी किया 125 रुपये का सिक्का
Zee News
1944 में श्री प्रभुपाद ने बिना किसी सहायता के एक अंग्रेजी पत्रिका आरंभ की जिसका संपादन, पाण्डुलिपि का टंकन और मुद्रित सामग्री के प्रूफ शोधन का सारा कार्य वह स्वयं करते थे.
नई दिल्लीः प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को स्वामी प्रभुपाद की 125वीं जयंती के अवसर पर 125 रुपए का एक विशेष स्मारक सिक्का जारी किया. इस मौके पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उन्होंने सभा को भी संबोधित किया. मोदी ने कहा कि परसो श्री कृष्ण जन्माष्टमी थी और आज हम श्रील प्रभुपाद जी की 125वीं जन्मजयंती मना रहे हैं. ये ऐसा है जैसे साधना का सुख और संतोष एक साथ मिल जाए. इसी भाव को आज पूरी दुनिया में श्रील प्रभुपाद स्वामी के लाखों करोड़ों अनुयायी और लाखों करोड़ों कृष्ण भक्त अनुभव कर रहे हैं. आइए जानते हैं कि आखिर कौन हैं प्रभुपाद... आज हम श्रील प्रभुपाद जी की 125वीं जन्मजयंती मना रहे हैं। ये ऐसा है जैसे साधना का सुख और संतोष एक साथ मिल जाए। इसी भाव को आज पूरी दुनिया में श्रील प्रभुपाद स्वामी के लाखों करोड़ों अनुयाई और लाखों करोड़ों कृष्ण भक्त अनुभव कर रहे हैं: PM मोदी स्वामी प्रभुपाद कौन हैं? भक्ति वेदांत स्वामी प्रभुपाद का जन्म 1896 में कोलकाता में बिजनेसमैन के घर हुआ था. उनके पिता ने अपने बेटे अभय चरण का पालन पोषण ही एक कृष्ण भक्त के रूप में किया जिससे उनकी श्रद्धा कृष्ण में बढ़ती ही चली गई. प्रभुपाद ने 26 साल की उम्र में अपने गुरु सरस्वती गोस्वामी से मुलाक़ात की और 37 की उम्र में उनके विधिवत दीक्षा प्राप्त शिष्य बन कर पूरी तरह कृष्ण भक्ति में लीन हो गए. — ANI_HindiNews (@AHindinews)
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