
जब CJI ने बताया, एक वक्त में वकीलों की शादी नहीं हो पाती थी...
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मुख्य न्यायाधीश ने कहा, आज भारतीय कानून फर्म अपने वैश्विक समकक्षों के समान कद पर हैं. महामारी के बावजूद भारत में 300 से अधिक विलय हुए. 20 बिलियन डॉलर से अधिक मूल्य के 140 से अधिक लेनदेन भी हुए. इस बात से कोई इनकार नहीं है कि कानून फर्म भारतीय अर्थव्यवस्था में सबसे आगे रही हैं.
भारत के मुख्य न्यायाधीश एन वी रमना ने बुधवार को आयोजित एक कार्यक्रम में बताया कि पुराने वक्त में वकीलों को बड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ता था. यहां तक कि वकीलों को शादी करने तक के लाले पड़ जाते थे. CJI रमना ने कहा, 'मुझे याद है कि एक समय था जब कानून की डिग्री हासिल करना बहुत आसान था, लेकिन उससे आजीविका चलाना बेहद चुनौतीपूर्ण था. मेरे ग्रेजुएशन के दिनों में लोग पूछते थे कि तुम कानून की पढ़ाई क्यों कर रहे हो? क्या आपको कहीं और रोजगार नहीं मिला? या आप शादी नहीं करना चाहते हैं?'










