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छावा नहीं आते औरंगजेब की गिरफ्त में, अगर न होते ये दो गद्दार रिश्तेदार!
Zee News
विक्की कौशल की 'छावा' की रिलीज के साथ ही मराठा छत्रपति संभाजी राजे से जुड़े वाकये भी सुर्खियों में आज गए हैं. आज लोग उनकी वीरता की हर कहानी जानने के लिए बेताब हैं. ऐसे में चलिए आज हम जान लेते हैं कि संभाजी का निधन किन रिश्तेदारों के धोखे की वजह से हुआ.
नई दिल्ली: विक्की कौशल की फिल्म 'छावा' की वजह से वीर मराठा छत्रपति संभाजी राजे की वीरता के किस्से एक बार फिर से चर्चा में आ गए हैं. छत्रपति शिवाजी महाराज के निधन के बाद संभाजी ने ही मराठा साम्राज्य की सत्ता संभाली थी. जब 3 अप्रैल, 1680 को शिवाजी महाराज का निधन हुआ तब तक उन्होंने न तो कोई वसीहत छोड़ी थी और न ही किसी कोई उत्तराधिकारी नियुक्त किया था. वहीं, संभाजी को उत्तराधिकारी बनने से पहले कई पारिवारिक षडयंत्रों से होकर गुजरना पड़ा था. 20 जुलाई, 1680 को उन्हें छत्रपति बना दिया गया. इसके बाद संभाजी ने भी उसी वीरता से मुगलों का सामना किया जैसे उनके पिता शिवाजी महाराज किया करते थे, लेकिन अपने ही रिश्तेदारों की गद्दारी ने उन्हें मात दिलवा दी. चलिए जानते हैं ये वाकया.
