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चीन ने समंदर में उतारा 'न्यूक्लियर दैत्य'! 1 लाख टन वजनी एयरक्राफ्ट कैरियर, भारत बदलेगा अपनी समुद्री रणनीति?
Zee News
China nuclear aircraft carrier: चीन ने अपने पहले परमाणु ऊर्जा से चलने वाले विमानवाहक पोत का निर्माण शुरू कर दिया है. चीन का यह नया जहाज 1 लाख टन का होगा, जो अमेरिकी नौसेना के सबसे बड़े जहाजों के बराबर है. चीन की इस तेजी ने भारतीय नौसेना के सामने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है, क्या भारत को भी इतना ही बड़ा जहाज बनाना चाहिए, या फिर चीन को रोकने के लिए परमाणु हमले वाली पनडुब्बियों (SSN) पर पैसा लगाना चाहिए.
China nuclear aircraft carrier: एशिया-प्रशांत क्षेत्र में ताकत का संतुलन बदलने वाला है. सैटेलाइट से मिली तस्वीरों और खुफिया जानकारी से पता चला है कि चीन अपने चौथे विमानवाहक पोत, जिसे 'टाइप 004' कहा जा रहा है, पर काम शुरू कर चुका है. यह चीन का पहला ऐसा जहाज होगा जिसमें डीजल के बजाय दो परमाणु रिएक्टर लगे होंगे. इसका मतलब है कि इसे कभी ईंधन भरने के लिए रुकना नहीं पड़ेगा और यह सालों तक समंदर में रहकर दुश्मन पर हमला कर सकेगा. चीन की इस चुनौती ने भारत को एक चौराहे पर खड़ा कर दिया है. भारतीय नौसेना के पास फिलहाल 40,000 से 45,000 टन वाले जहाज जैसे आईएनएस विक्रांत और आईएनएस विक्रमादित्य हैं. अब भारत के रक्षा विशेषज्ञ दो गुटों में बंट गए हैं. एक गुट का मानना है कि भारत को भी 65,000 से 1,00,000 टन का बड़ा परमाणु विमानवाहक पोत बनाना चाहिए. वहीं, दूसरा गुट कहता है कि चीन के इन बड़े जहाजों को डुबोने के लिए भारत को परमाणु हमलावर पनडुब्बियां (SSNs) बनानी चाहिए, जो समंदर की गहराई में छिपकर वार कर सकें.
