
चीन को लेकर जयशंकर की राहुल गांधी को खरी-खरी, इतिहास की वो घटना दिलाई याद
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विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर कटाक्ष करते हुए शनिवार को कहा कि कुछ लोग जानबूझकर चीन मुद्दे के बारे में गलत जानकारी फैला रहे हैं. जयशंकर ने कहा कि साल 1962 में चीन ने भारत की जमीन पर कब्जा कर लिया था, जबकि कुछ लोग ऐसा बताते हैं कि यह हाल ही में हुआ है.
नई दिल्लीः विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर कटाक्ष करते हुए शनिवार को कहा कि कुछ लोग जानबूझकर चीन मुद्दे के बारे में गलत जानकारी फैला रहे हैं. जयशंकर ने कहा कि साल 1962 में चीन ने भारत की जमीन पर कब्जा कर लिया था, जबकि कुछ लोग ऐसा बताते हैं कि यह हाल ही में हुआ है.
'सिंधु नदी जल समझौता एक तकनीकी मामला' महाराष्ट्र के पुणे में अपनी किताब ‘द इंडिया वे’ के मराठी अनुवाद ‘भारत मार्ग’ के विमोचन के मौके पर जयशंकर ने सवाल-जवाब सत्र के दौरान यह बात कही. उन्होंने भारत-पाकिस्तान के बीच सिंधु नदी जल समझौते (आईडब्ल्यूटी) को लेकर कहा कि यह एक तकनीकी मामला है और दोनों देशों के सिंधु आयुक्त इस मुद्दे पर एक-दूसरे से बात करेंगे.

Line Replaceable Units: RVAS ने भारत के स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है. कंपनी अब तेजस Mk-2 के लिए एक महत्वपूर्ण Line Replaceable Unit के विकास में भागीदार बन गई है. तेजस Mk-2 को भारतीय वायुसेना के भविष्य के बेड़े की रीढ़ माना जा रहा है. तेजस Mk-2 एक मीडियम-वेट, सिंगल इंजन, मल्टी-रोल फाइटर जेट होगा. इसमें नया एयरफ्रेम, ज्यादा ताकतवर इंजन, आधुनिक एवियोनिक्स, स्वदेशी AESA रडार और ज्यादा हथियार ले जाने की क्षमता होगी.

Pakistani Leader Chief Guest in 1955 republic day: यह किस्सा है साल 1955 का. उस समय भारत ने पाकिस्तान के तत्कालीन गवर्नर जनरल मलिक गुलाम मोहम्मद को गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया था. उस दौर में भारत अपनी लोकतांत्रिक संस्थाओं और परंपराओं को आकार दे रहा था. मलिक गुलाम मोहम्मद का भारत से पुराना जुड़ाव भी रहा था. उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की थी.

Indian France Rafale deal: फ्रांस से खरीदे जाने वाले 114 राफेल की मंजूरी डिफेंस प्रोक्योरमेंट बोर्ड से मिल गई है. जिससे यह डील अंतिम चरण में पहुंच गई है. इसके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली DAC की बैठक में डील पर चर्चा के बाद मुहर लगाई जाएगी. अंतिम हस्तारक्षर इस डील पर पीएम मोदी करेंगे.










