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चीन की LAC पर 'जंग' की तैयारी? बना रहा है बंकरों के अंदर से मिसाइल दागने वाला लॉन्च शेल्टर; पैंगोंग लेक के बेहद करीब
Zee News
China missile bunkers LAC tension: इन ठिकानों का डिजाइन चीन के पारंपरिक एयर डिफेंस साइटों से बिल्कुल अलग है. आमतौर पर चीन अपने SAM Sites को गोलाकार लेआउट में बनाता है, जहां TELs को लॉन्च करने से पहले खुले मैदान में ले जाया जाता है. लेकिन इन नए ठिकानों पर प्रत्येक में चार मजबूत शेल्टर हैं जिनकी छतें जरूरत पड़ने पर हटाई जा सकती हैं.
China missile bunkers LAC tension: चीन अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा, पिछले कुछ वर्षों से LAC के करीब कुछ न कुछ ऐसी हरकत करते आ रहा है कि दोनों देशों के बीच तनाव होना लाजमी है. हालिया रिपोर्ट के मुताबिक,ल व सैटेलाइट तस्वीरों से पता चला है कि चीन, भारत के साथ अत्यधिक विवादित सीमा के पास कम से कम दो ऐसी सैन्य फैसिलिटी बना रहा है जिनमें हटाए जा सकने वाली छत के साथ मजबूत Hardened Shelters शामिल हैं. यह एक नए प्रकार का एयर डिफेंस साइट पैटर्न है. ये शेल्टर Surface-to-Air Missile (SAM) को ट्रांसपोर्ट करने वाले Transporter-Erector-Launcher (TEL) वाहनों को बंकर के अंदर से ही मिसाइल दागने की ताकत देते हैं.

Tejas-MK2 Rollout: राफेल डील के बीच इंडियन एयरफोर्स के लिए बड़ी खुशखबरी है. HAL-DRDO ने कमाल का काम करते हुए तेजस मार्क-2 को उड़ान के लिए तैयार कर दिया है. इसका इंटरनल रोलआउट पूरा हो चुका है. अब स्वदेशी मिडियम वेट फाइटर जेट ट्रायल फेज में एंट्री कर गया है. इसके बाद कुछ मंजूरियों के बाद फाइनल रोलआउट होगा, जो सार्वजनिक तौर पर किया जाएगा.

Project Kusha Air Defence System: प्रोजेक्ट कुशा पूरी तरह 'मेड इन इंडिया' होगा, जिससे युद्ध के समय हमें किसी और देश के भरोसे नहीं रहना पड़ेगा. साथ ही, रूस या अमेरिका जैसे देशों को अरबों डॉलर नहीं देने पड़ेंगे. वहीं, इसमें ऐसी तकनीकें जोड़ी जा रही हैं जो आने वाले दशकों तक दुश्मन के किसी भी नए विमान को मार गिराने में सक्षम होंगी.

Astra MK-1 Missile Upgrade: DRDO इस अपग्रेड में मिसाइल के प्रोपल्शन सिस्टम, फ्लाइट प्रोफाइल और एनर्जी मैनेजमेंट को बेहतर बनाएगा. इसके साथ ही गाइडेंस सिस्टम में भी सुधार किया जाएगा. लंबी दूरी तक मिसाइल की रफ्तार और maneuverability बनी रहे. यह अपग्रेड मिसाइल के मूल डिजाइन में बड़े बदलाव के बिना किया जाएगा.

Fateh Ghadir Class Submarines: ईरान लंबे समय से अमेरिका की नौसैनिक ताकत का मुकाबला असममित रणनीति के जरिए करता रहा है. पनडुब्बियों की तैनाती इसी रणनीति का हिस्सा है. जिसके तहत ईरान सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े नौसैनिक बलों पर दबाव बना सकता है. ईरानी नौसेना के मुताबिक उनकी पनडुब्बियां अमेरिकी नौसैनिक गतिविधियों पर चेतावनी देने में सक्षम हैं.

C-130J Super Hercules: भारत सरकार जल्द ही MTA प्रोग्राम के लिए Request for Proposal (RFP) जारी करने की तैयारी में है. बढ़ी हुई रेंज वाला C-130J भारत की अलग-अलग जरूरतों के लिए अधिक उपयोगी माना जा रहा है. इसमें लंबी दूरी की लॉजिस्टिक्स सपोर्ट, स्पेशल फोर्स ऑपरेशन, आपदा राहत मिशन और छोटे रनवे से ऑपरेशन शामिल हैं. अधिक रेंज होने से विमान बिना बार-बार ईंधन भरे बड़े इलाके को कवर कर सकेगा.








