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गोरेज से टाटा तक… भारत एयरोस्पेस पार्ट्स तो बना रहा, मेक इन इंडिया की आड़ में विदेशी कंपियां कर रहीं हैं टेक्नोलॉजी ब्लॉक
Zee News
India Aerospace Contracts Limits: गोदरेज एयरोस्पेस Pratt & Whitney के लिए पार्ट्स बना रही है. हैदराबाद की आजाद इंजीनियरिंग Rolls-Royce के इंजन के लिए कंपोनेंट तैयार कर रही है. लेकिन इनका डिजाइन और तकनीक भारतीय कंपनियों की नहीं होती. GE, Rolls-Royce और Pratt & Whitney जैसी विदेशी कंपनियां तय करती हैं.
भारतीय कंपनियों ने अंतरराष्ट्रीय एयरोस्पेस कंपनियों के साथ कॉन्ट्रैक्ट किए हैं. गोदरेज एयरोस्पेस Pratt & Whitney के लिए पार्ट्स बना रही है. हैदराबाद की आजाद इंजीनियरिंग Rolls-Royce के इंजन के लिए कंपोनेंट तैयार कर रही है. वहीं टाटा व दूसरी कंपनियां भी Boeing-Airbus जैसी कंपनियों को सामान सप्लाई कर रही हैं. इससे भारत में नौकरियां बढ़ रही हैं. इंजीनियरों को नई तकनीक सीखने का मौका मिल रहा है. उद्योग में हर साल हजारों करोड़ रुपये आ रहे हैं. : देश-दुनिया, बॉलीवुड, बिज़नेस, ज्योतिष, धर्म-कर्म, खेल और गैजेट्स की दुनिया की सभी खबरें अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें .

Tejas-MK2 Rollout: राफेल डील के बीच इंडियन एयरफोर्स के लिए बड़ी खुशखबरी है. HAL-DRDO ने कमाल का काम करते हुए तेजस मार्क-2 को उड़ान के लिए तैयार कर दिया है. इसका इंटरनल रोलआउट पूरा हो चुका है. अब स्वदेशी मिडियम वेट फाइटर जेट ट्रायल फेज में एंट्री कर गया है. इसके बाद कुछ मंजूरियों के बाद फाइनल रोलआउट होगा, जो सार्वजनिक तौर पर किया जाएगा.

Project Kusha Air Defence System: प्रोजेक्ट कुशा पूरी तरह 'मेड इन इंडिया' होगा, जिससे युद्ध के समय हमें किसी और देश के भरोसे नहीं रहना पड़ेगा. साथ ही, रूस या अमेरिका जैसे देशों को अरबों डॉलर नहीं देने पड़ेंगे. वहीं, इसमें ऐसी तकनीकें जोड़ी जा रही हैं जो आने वाले दशकों तक दुश्मन के किसी भी नए विमान को मार गिराने में सक्षम होंगी.

Astra MK-1 Missile Upgrade: DRDO इस अपग्रेड में मिसाइल के प्रोपल्शन सिस्टम, फ्लाइट प्रोफाइल और एनर्जी मैनेजमेंट को बेहतर बनाएगा. इसके साथ ही गाइडेंस सिस्टम में भी सुधार किया जाएगा. लंबी दूरी तक मिसाइल की रफ्तार और maneuverability बनी रहे. यह अपग्रेड मिसाइल के मूल डिजाइन में बड़े बदलाव के बिना किया जाएगा.

Fateh Ghadir Class Submarines: ईरान लंबे समय से अमेरिका की नौसैनिक ताकत का मुकाबला असममित रणनीति के जरिए करता रहा है. पनडुब्बियों की तैनाती इसी रणनीति का हिस्सा है. जिसके तहत ईरान सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े नौसैनिक बलों पर दबाव बना सकता है. ईरानी नौसेना के मुताबिक उनकी पनडुब्बियां अमेरिकी नौसैनिक गतिविधियों पर चेतावनी देने में सक्षम हैं.

C-130J Super Hercules: भारत सरकार जल्द ही MTA प्रोग्राम के लिए Request for Proposal (RFP) जारी करने की तैयारी में है. बढ़ी हुई रेंज वाला C-130J भारत की अलग-अलग जरूरतों के लिए अधिक उपयोगी माना जा रहा है. इसमें लंबी दूरी की लॉजिस्टिक्स सपोर्ट, स्पेशल फोर्स ऑपरेशन, आपदा राहत मिशन और छोटे रनवे से ऑपरेशन शामिल हैं. अधिक रेंज होने से विमान बिना बार-बार ईंधन भरे बड़े इलाके को कवर कर सकेगा.








