
गरीबी के बावजूद स्टूडेंट ने CM MK Stalin को दिए सोने के 2 सिक्के, अब सरकार देगी 'तोहफा'
Zee News
सौम्या ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि वह सरकारी नौकरी की उम्मीद नहीं कर रही है. उनकी मदद से उसे किसी प्राइवेट फर्म में भी नौकरी मिल जाए तो एहसान मानेगी. अब मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन (MK. Stalin) ने सौम्या से नौकरी का वादा किया है.
चेन्नई: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन (MK. Stalin) ने जन राहत कोष में 2 गोल्ड कॉइन्स (Gold coins) देने वाली लड़की को नौकरी देने का वादा किया है. कंप्यूटर साइंस में इंजीनियरिंग कर रही आर. सौम्या, अपने पिता के साथ रहती है और उसकी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं इसके बाद भी उसने CM को 2 गोल्ड कॉइन्स दान में दिए, इससे स्टालिन प्रभावित हुए हैं. आर. सौम्या के पिता आविन दूध फैक्ट्री के रिटायर्ड कर्मचारी हैं. सौम्या ने मुख्यमंत्री को उस दौरान 2 गोल्ड कॉइन सौंप दिए, जब वह मेत्तूर के दौरे पर थे. सौम्या ने उसने नौकरी देने की गुहार लगाते हुए एप्लीकेशन भी दिया था. उसने आवेदन में कहा है कि वह अपने पिता राधाकृष्णन के साथ किराए के मकान में रह रही है और उसकी मां का निमोनिया के कारण निधन हो गया.
Indian France Rafale deal: फ्रांस से खरीदे जाने वाले 114 राफेल की मंजूरी डिफेंस प्रोक्योरमेंट बोर्ड से मिल गई है. जिससे यह डील अंतिम चरण में पहुंच गई है. इसके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली DAC की बैठक में डील पर चर्चा के बाद मुहर लगाई जाएगी. अंतिम हस्तारक्षर इस डील पर पीएम मोदी करेंगे.

India Nuclear Powered Submarine: साल 2040 तक भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा न्यूक्लियर पावर्ड पनडुब्बी ऑपरेटर बन सकता है. इस दौरान भारत ब्रिटेन को पीछे छोड़ देगा. अमेरिका, रूस और चीन के बाद चौथा देश बन जाएगा. दुनिया में सबसे ज्यादा न्यूक्लियर सबमरीन अमेरिका के पास हैं. इनकी संख्या 60 से 70 के बीच है.

DRDO hypersonic missile: भारतीय नौसेना एक बेहद लंबी दूरी वाली, हवा से लॉन्च होने वाली 'एंटी-शिप बैलिस्टिक' मिसाइल हासिल करने की योजना बना रही है. यह मिसाइल 1,000 किलोमीटर तक मार करने में सक्षम होगी. इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि हमारे लड़ाकू विमान दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम की रेंज में आए बिना ही उनके जहाजों को समंदर की गहराइयों में भेज सकेंगे.

30MM Naval Gun Indian Navy: यह गन सिस्टम भारत फोर्ज के आर्टिलरी सेक्टर में अनुभव पर आधारित है. कंपनी पहले ही 30×173 मिमी NATO स्टैंडर्ड कैलिबर पर आधारित मॉड्यूलर टर्रेट्स विकसित कर चुकी है. इनका इस्तेमाल इंफैंट्री कॉम्बैट व्हीकल्स में होता है. यही कैलिबर समुद्री नजदीकी लड़ाई (Close-Range Engagement) के लिए भी प्रभावी माना जाता है.









