
गन कल्चर: 230 साल पुराना ढर्रा, 14 लाख मौत; खोखले हैं लोकतंत्र का चैंपियन होने के अमेरिकी दावे
Zee News
US Gun Culture: अमेरिका में बन्दूक की संस्कृति उस जमाने से है, जब वहां ब्रिटिश सरकार का राज था. उस दौर में पुलिस और कोई स्थाई सुरक्षा बल नहीं था. इसलिए लोगों को अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा खुद करनी होती थी, इसलिए उन्हें हथियार रखने के अधिकार दिए गए.
नई दिल्ली: अब हम आपको अमेरिका (US) के गन कल्चर (Gun Culture) की कहानी दिखाएंगे. अमेरिका का संविधान (Constitution Of US) अपने सभी नागरिकों को बंदूक (Gun) रखने का अधिकार देता है. अमेरिका में दुकानों पर बंदूक उतनी ही आसानी से मिल जाती है, जितनी आसानी से आपको भारत की दुकानों पर फल और सब्जियां मिलती है. इसका का नतीजा ये है कि पिछले 50 वर्षों में अमेरिका में 14 लाख से ज्यादा लोग बंदूक से होने वाली हिंसा में मारे गए हैं.
अमेरिका में बन्दूक की संस्कृति उस जमाने से है, जब वहां ब्रिटिश सरकार का राज था. उस दौर में पुलिस और कोई स्थाई सुरक्षा बल नहीं था. इसलिए लोगों को अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा खुद करनी होती थी, इसलिए उन्हें हथियार रखने के अधिकार दिए गए. 19वीं शताब्दी तक अमेरिका को समझ आ गया था कि अमेरिका में गन कल्चर कभी शांति को स्थापित नहीं होने देगा. इसके बावजूद गन लॉबी (Gun Lobby) और कुछ नेताओं के दवाब की वजह से कभी इसके खिलाफ कोई कड़ा कानून नहीं बन सका. इसलिए आज अमेरिका में हर दिन औसतन 100 लोग इसी गन कल्चर की वजह से मारे जाते हैं.

Su-57 fighter jet India: भारतीय वायुसेना की घटती ताकत को फिर से पटरी पर लाने के लिए भारत सरकार एक बहुत बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है. आसमान में चीन और पाकिस्तान की चुनौतियों से निपटने के लिए अब रूस के सबसे आधुनिक पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान सुखोई-57 (Su-57E) की भारत में एंट्री हो सकती है. इसके लिए सरकारी कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड बस एक आखिरी रिपोर्ट का इंतजार कर रही है.

Pakistan on Rafale Deal: इंडियन एयरफोर्स की राफेल की पावर से पाकिस्तान हिल गया है. पाकिस्तानी डिफेंस एक्सपर्ट ने कहा कि भारत की फाइटर की लंबी चौड़ी फाइटर फ्लीट का कोई जवाब फिलहाल पाकिस्तान के पास नहीं है. ऐसे में पाकिस्तानी एयरफोर्स को अलग प्रकार की रणनीति की जरूरत है. क्योंकि फाइटर जेट की संख्या से मुकाबला करना मुश्किल है.

India 6th Generation Fighter jet: फ्रांस, स्पेन और जर्मनी का संयुक्त रूप से चल रहा 6वीं पीढ़ी का फाइटर जेट आपसी मदभेदों की वजह से बंद होने के कगार पर पहुंच गया है. यूरोपीय देशों का विवाद भारत के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है. क्योंकि जर्मनी ने भारत को 6वीं पीढ़ी के फाइटर जेट प्रोजेक्ट का ऑफर दिया है.

Ice Breaker missile: भारतीय नौसेना अब अपने बेड़े को और भी ज्यादा खतरनाक बनाने के लिए एक ऐसे मिसाइल सिस्टम पर विचार कर रही है, जो समंदर के बीचों-बीच दुश्मन के होश उड़ा देगा. खबर आ रही है कि भारतीय नौसेना अपने MH-60R सीहॉक हेलीकॉप्टरों को इजरायल की आधुनिक 'आइस ब्रेकर' मिसाइल से लैस करने की योजना बना रही है. खास बात यह है कि भारतीय वायुसेना पहले ही इस मिसाइल को अपनी ताकत में शामिल करने की मंजूरी दे चुकी है.

Line Replaceable Units: RVAS ने भारत के स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है. कंपनी अब तेजस Mk-2 के लिए एक महत्वपूर्ण Line Replaceable Unit के विकास में भागीदार बन गई है. तेजस Mk-2 को भारतीय वायुसेना के भविष्य के बेड़े की रीढ़ माना जा रहा है. तेजस Mk-2 एक मीडियम-वेट, सिंगल इंजन, मल्टी-रोल फाइटर जेट होगा. इसमें नया एयरफ्रेम, ज्यादा ताकतवर इंजन, आधुनिक एवियोनिक्स, स्वदेशी AESA रडार और ज्यादा हथियार ले जाने की क्षमता होगी.

Pakistani Leader Chief Guest in 1955 republic day: यह किस्सा है साल 1955 का. उस समय भारत ने पाकिस्तान के तत्कालीन गवर्नर जनरल मलिक गुलाम मोहम्मद को गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया था. उस दौर में भारत अपनी लोकतांत्रिक संस्थाओं और परंपराओं को आकार दे रहा था. मलिक गुलाम मोहम्मद का भारत से पुराना जुड़ाव भी रहा था. उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की थी.







