
क्या सुसाइड है जीवन से हार? हर 40 सेकंड में जान दे रहा एक शख्स
Zee News
आत्महत्या सिर्फ वो लोग नहीं करते जो जीवन से परेशान होते हैं, बल्कि वो लोग भी आत्महत्या करते हैं जिन्हें धर्म के नाम पर भड़का दिया जाता है. ऐसे लोगों को ये विश्वास दिलाया जाता है कि लोगों के बीच जाकर खुद को बम से उड़ाने पर इन्हें जन्नत नसीब होगी.
नई दिल्ली: DNA एक सकारात्मक न्यूज शो है. ये आपको उम्मीद और सकारात्मकता देता है, आपको लड़ने के लिए प्रेरित करता है. लेकिन कभी-कभी जीवन के ऐसे विषयों पर भी बात करना जरूरी होता है जो सकारात्मक नहीं होते. ऐसा ही एक विषय है आत्महत्या. आज वर्ल्ड सुसाइड प्रिवेंशन डे (World Suicide Prevention Day) है. कोई व्यक्ति आत्महत्या तब करता है जब उसका दिमाग जीवन की परेशानियों से लड़ते-लड़ते हार जाता है और वो व्यक्ति तय कर लेता है कि इस जीवन को छोड़ देना ही अच्छा है. लेकिन दुनिया में लोग आत्महत्याएं सिर्फ इसी वजह से नहीं करते. आत्महत्या का इस्तेमाल राजनैतिक और आतंकवाद के हथियार के रूप में भी होता है. यानी आत्महत्याएं प्रायोजित भी हो सकती हैं. उदाहरण के लिए अफगानिस्तान के नए सुप्रीम लीडर हिबतुल्ला अखुंदजादा का बेटा अब्दुर रहमान एक सुसाइड बॉम्बर था, जो वर्ष 2017 में अफगानिस्तान के हेलमंड प्रांत में एक सैन्य ठिकाने पर आत्मघाती हमला करके मारा गया था. हिबतुल्ला अखुंदजादा ने अपने बेटे को एक सुसाइड बॉम्बर बनाया और जेहाद के नाम पर हुई उसकी मौत के बहाने खुद को एक मजबूत नेता साबित कर दिया.More Related News
