
क्या वाकई गहरा रहा है बड़ा बिजली संकट? जानें कोयले की कमी का सच
Zee News
भारत में कथित कोल क्राइसिस की वजह से क्या वाकई बड़ी बिजली संकट गहरा रहा है? हकीकत इन दावों से बिल्कुल अलग है.
नई दिल्ली: इन दिनों कथित कोल क्राइसिस (Coal Crisis) के चलते बिजली संकट (Electricity Crisis) गहराने की आशंका को लेकर सियासत तेज है. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) के केंद्र सरकार को भेजे गए लेटर के बाद मामले पर सियासत तेज हो गई. हालांकि केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह (RK Singh) ने केजरीवाल के दावों को अफवाह करार दिया. अब सवाल उठता है कि क्या वाकई कोल क्राइसिस है और इसकी वजह से बड़ा बिजली संकट गहरा है?
कथित कोयला संकट (Coal Crisis) पर पड़ताल के दौरान जो सच सामने आया वो सियासी दावों से बिल्कुल अलग है. सरकार के बड़े सूत्रों का कहना है कि कोयले की कोई कमी नहीं है बल्कि राज्यों की मांग के अनुसार सप्लाई देने की पूरी कोशिश की जा रही है. अभी भी 4 से 5 दिन का कोल स्टॉक है. सरकारी सूत्र के मुताबिक अभी 1.94 मिलियन टन प्रति दिन की मांग पूरी की जा रही है. अगले कुछ दिनों में 2 मिलियन टन तक सप्लाई पहुंचा दी जाएगी. कुल मिलाकर कोयले की कमी के कारण बिजली बंद नहीं होगी.
