
क्या मुर्गियों की वजह से फैल रहा है Black Fungus? जानिए इसकी सच्चाई
Zee News
पीआईबी फैक्ट चेक टीम ने बताया कि अब तक ऐसा कोई सबूत नहीं मिला हैं जिसकी बुनियाद पर ये कहा जाए कि मुर्गीयों की वजह से ब्लैक फंगस इंफेक्शन का खतरा बढ़ रहा है.
नई दिल्ली: मुल्क भर में जारी कोरोना बोहरान के साथ एक और नाम इससे जुड़ गया है, और वह हैं 'ब्लैक फंगस' यानी 'म्यूकोरमाइकोसिस'. मुल्क में ब्लैक फंगस के मामलों में भी लगातार इज़ाफ़ा हो रहा है. साथ में सोशल मीडिया पर इस मर्ज़ से जुड़ी जानकारी और दावे भी शेयर किए जा रहे हैं, जिनमें कई बातें गुमराह कुन और गलत हैं. हालिया दिनों सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि ब्लैक फंगस चिकन फार्म की वजह से फैल रहा है. A post claiming that can spread through farm chickens is in circulation on social media: This claim is क्या है दावा सोशल मीडिया पर एक पोस्ट इस दावे साथ शेयर किया जा रहा है कि पंजाब हुकूमत ने पॉलट्री फॉर्म को इंफेक्टेड एरिया करार दे दिया है. क्योंकि पॉलट्री की वजह से ब्लैक फंगस फैल रहा है. इसके बाद पीआईबी फैक्ट चेक टीम ने इसकी पड़ताल की और इस पोस्ट की सच्चाई के बारे में पता लगाया. तो आइए अब जानते हैं कि सोशल मीडिया पर जो ये जानकारी शेयर की जा रही है, इसकी सच्चाई क्या है? There is NO scientific evidence that the infection can spread from chickens to humans
Afanasy Nikitin India: इतिहास के पन्नों को पलटते हैं, तो हमें मालूम चलता है कि 1498 में वास्को-डी-गामा ने भारत के समुद्री रास्ते की खोज की थी. लेकिन सच तो यह है कि उससे करीब तीन दशक पहले, 1469 में एक रूसी व्यापारी अफनासी निकितिन महाराष्ट्र के तट पर कदम रख चुका था. बिना किसी सेना और बिना किसी बड़े जहाज के, निकितिन ने अकेले ही तीन समुद्रों को पार किया और भारत की संस्कृति को अपनी डायरी में समेट लिया.

Ajit Pawar plane crash: बारामती एयरपोर्ट पर हुए दर्दनाक हादसे ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया है. महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार जिस विमान में सवार थे, वह देखते ही देखते मलबे में तब्दील हो गया. जिस Bombardier Learjet 45XR को आसमान का सबसे सुरक्षित विमान माना जाता था, वही आज मातम का सबब बन गया. इस विमान का इतिहास और इसकी तकनीकी खूबियां अब जांच के दायरे में हैं.

Indian Air Force refuelling aircraft: भारत के पास अभी सिर्फ 6 पुराने Il-78MKI विमान हैं जो 2003-2004 में उज्बेकिस्तान से लिए गए थे. पुर्जों की कमी की वजह से इनमें से आधे से ज्यादा विमान अक्सर मरम्मत के लिए खड़े रहते हैं. पिछले साल भारत ने अमेरिका की एक कंपनी से एक टैंकर विमान लीज पर लिया था, लेकिन उसके साथ अमेरिकी क्रू आता है, जो युद्ध के समय भारत के काम नहीं आ सकेगा. ऐसे में ये नए विमान नई ताकत बनेंगे.

Tejas-MK2 Rollout: राफेल डील के बीच इंडियन एयरफोर्स के लिए बड़ी खुशखबरी है. HAL-DRDO ने कमाल का काम करते हुए तेजस मार्क-2 को उड़ान के लिए तैयार कर दिया है. इसका इंटरनल रोलआउट पूरा हो चुका है. अब स्वदेशी मिडियम वेट फाइटर जेट ट्रायल फेज में एंट्री कर गया है. इसके बाद कुछ मंजूरियों के बाद फाइनल रोलआउट होगा, जो सार्वजनिक तौर पर किया जाएगा.

Project Kusha Air Defence System: प्रोजेक्ट कुशा पूरी तरह 'मेड इन इंडिया' होगा, जिससे युद्ध के समय हमें किसी और देश के भरोसे नहीं रहना पड़ेगा. साथ ही, रूस या अमेरिका जैसे देशों को अरबों डॉलर नहीं देने पड़ेंगे. वहीं, इसमें ऐसी तकनीकें जोड़ी जा रही हैं जो आने वाले दशकों तक दुश्मन के किसी भी नए विमान को मार गिराने में सक्षम होंगी.

Astra MK-1 Missile Upgrade: DRDO इस अपग्रेड में मिसाइल के प्रोपल्शन सिस्टम, फ्लाइट प्रोफाइल और एनर्जी मैनेजमेंट को बेहतर बनाएगा. इसके साथ ही गाइडेंस सिस्टम में भी सुधार किया जाएगा. लंबी दूरी तक मिसाइल की रफ्तार और maneuverability बनी रहे. यह अपग्रेड मिसाइल के मूल डिजाइन में बड़े बदलाव के बिना किया जाएगा.







